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वंदे भारत मिशन के तहत कोरोना काल में भारत असाधारण पहचान स्थापित करने में कामयाब : जयशंकर

वंदे भारत मिशन के तहत कोरोना काल में भारत असाधारण पहचान स्थापित करने में कामयाब : जयशंकर

नयी दिल्ली।  विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने वंदे भारत मिशन को नये भारत की व्यापक क्षमताओं का एक नमूना बताते हुए कहा कि कोविड महामारी भारत की असाधारण पहचान स्थापित करने में कामयाब रहा है।

डाॅ. जयशंकर ने आज यहां वार्षिक सरदार पटेल व्याख्यान को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने की। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन, प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिशेखर वेम्पती भी मंचासीन थे।

विदेश मंत्री ने स्वतंत्रता पश्चात भारत के निर्माण में सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह हमारे लिए एक ऐसे भारत का सपना छोड़ गये हैं जिसका विश्व में समुचित आदरपूर्ण स्थान हो।

उन्होंने कोविड महामारी के असाधारण कालखंड में भारत की नयी जिम्मेदारियों और पहचान पर जोर देते हुए कहा कि विदेशों में भारत एक अधिक भारतीय पहचान वाला देश बन चुका है और पूरा विश्व इसे स्वीकार कर रहा है। यह केवल विचार या विरासत तक सीमित नहीं है। अपने नागरिकों की चिंता करना उभरते राष्ट्र का प्रतीक बन गया है। इसी समय भारतवंशी समुदाय की उपलब्धियों से हमारे नागरिकों के विदेशों में योगदान कम नहीं है। कोविड महामारी हमारे संकल्प का एक अनूठी परीक्षा साबित हुई है। वंदे भारत मिशन नये भारत की क्षमताओं का एक नमूना है। वह इस अभियान में शामिल सभी लोगों का अभिनंदन करते हैं।

उल्लेखनीय है कि आकाशवाणी ने 1955 में सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति में इस वार्षिक व्याख्यान की शुरुआत की थी। भारत के पहले उपप्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री होने के साथ साथ सरदार पटेल देश के पहले सूचना प्रसारण मंत्री भी थे।