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Bijapur : मुस्लिम समाज के सामने नतमस्तक जिला प्रशासन एवं नगरपालिका बीजापुर

Bijapur :  मुस्लिम समाज के सामने नतमस्तक जिला प्रशासन एवं नगरपालिका बीजापुर


बीजापुर।  बीजापुर में एकमात्र वाणिज्य क्षेत्र व्यापारियों के लिए सुलभ है,  किंतु नगर प्रशासन के कायराना रवैया से किसी एक वर्ग विशेष को व्यवसायिक दुकान निर्माण हेतु जमीन अधिग्रहण की अनुमति देना बीजापुर के मध्यम एवं बेरोजगार वर्ग को क्षति का सामना करना पड़ रहा है । बीजापुर में एकमात्र व्यापारिक स्थल न्यू बस स्टैंड को भविष्य का व्यापारिक केंद्र माना जा रहा है।  वर्तमान में देखने पर यह सही परिलक्षित भी हो रहा है न्यू बस स्टैंड बीजापुर के ठीक सामने मुस्लिम समाज का कब्रिस्तान है जहां पर शासकीय सहायता से बाउंड्री वाल का निर्माण भी कराया गया था

बाउंड्रीवाल के बाहर शासकीय भूमि में नगर पालिका परिषद द्वारा मिट्टी , मुरूम भरवाई गई थी ,जहां पर कई दुकानदार अपना ठेला लगाकर व्यापार कर रहे थे । नगर पालिका को दैनिक टैक्स भी देते आ रहे थे । किंतु मुस्लिम समाज द्वारा बाउंड्री वाल को तोड़कर 40 दुकानों का निर्माण कार्य कराया गया जिसकी शिकायत अखिल भारतीय हलबा समाज तेलगा समाज इकाई बीजापुर के द्वारा जिला कलेक्टर बीजापुर को की गई , एवं प्रतिलिपि महामहिम राज्यपाल मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन , प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन , कमिश्नर बस्तर संभाग एवं अनुविभागीय राजस्व बीजापुर को दिनांक 5 /4/2021 को की गई । किंतु 6 माह का समय बीत गया जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही आज दिनांक तक नहीं की गई , और ना ही नगर पालिका परिषद द्वारा अवैध निर्माण पर रोक लगाई गई !

40 दुकाने वन कर पूर्ण हो गई , जिन्हें समाज द्वारा चार लाख रुपया प्रति दुकान पगड़ी एवं 5000 रुपए प्रतिमाह किराए पर दी जा रही है यदि इसी स्थान पर नगर पालिका परिषद दुकानों का निर्माण करती तो उसे लगभग 4 करोड नीलामी पर प्राप्त होते एवं 2000 की दर से ₹80000 रुपया  प्रतिमाह किराए के प्राप्त होते , एवं जरूरतमंद लोगों को रोस्टर के हिसाब से दुकानें आवंटित होती , हलबा समाज,  तेलगा  समाज के द्वारा शिकायत की प्रति उपलब्ध कराते हुए जिला प्रशासन ,नगर पालिका परिषद बीजापुर पर आरोप लगाया गया है कि मुस्लिम समाज के आगे प्रशासन नतमस्तक है जिसकी वजह से 6 माह बाद भी शिकायत पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही से समाज को अवगत नहीं कराया गया है नगर पालिका की अनुमति बिना कोई भी व्यक्ति पक्का निर्माण कार्य नहीं कर सकता तो शासकीय भूमि पर कब्जा कर 40 दुकाने कैसे बन गई ।


बिना नगरपालिका के मिलीभगत से संभव नहीं । समाज प्रमुखों ने प्रेस को बताया कि एक समाज को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बीजापुर में निवासरत अन्य समाजों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है । इससे आहत हिंदू समाज में भी नगर पालिका परिषद के प्रति सुगबुगाहट की आहट सुनाई दे रही है एवं उद्वेलित हैं । सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है । इसलिए जिला प्रशासन , नगर पालिका परिषद को शिकायत पत्र पर संज्ञान लेते हुए अवैध निर्माण दुकानों को अपने कब्जे पर लेना चाहिए । एवं जरूरतमंद लोगों को रोस्टर पद्धति से दुकान आवंटित करना चाहिए यदि इस पर प्रशासन रोक नहीं लगा सकता है तो समाज को आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ेगा किसी भी सामाजिक सौहार्द बिगड़ने पर जिला प्रशासन , नगर पालिका परिषद बीजापुर जिम्मेदार होगा । देखना यह है कि समाचार प्रकाशन पश्चात प्रशासन कार्यवाही करता है या एक समाज विशेष के सामने नतमस्तक होकर शासन को करोड़ों की क्षति पहुंचाता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा।