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कोटेतरा पूर्व सरपंच सचिव को पांच लाख तीन हजार रुपए की वसूली का नोटिस

कोटेतरा पूर्व सरपंच सचिव को पांच लाख तीन हजार रुपए की वसूली का नोटिस

 सक्ती।  जनपद पंचायत जैजैपुर के कोटेतरा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच श्रीमती सुनीता चौहान एवं पूर्व सचिव श्री प्रेमलाल नारंगे, पूर्व सचिव श्री जीरालाल साहू,पूर्व सचिव लक्ष्मण प्रसाद बरेठ के खिलाफ पांच लाख तीन हजार रुपए की वसूली का नोटिस जारी किया गया है।


उनके खिलाफ यह नोटिस निर्मित शौचालय की जांच जनपद स्तरीय दल द्वारा किया गया तथा इनके कार्यकाल के दौरान  स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना से राशि का आहरण किया गया था परंतु इनके द्वारा अपने पदीय दायित्व का निर्वहन उचित ढंग से नही करने के कारण स्वनिर्मित/शौचालय निर्माण में एक ही हितग्राही का नाम डबल एवं कुछ हितग्राहियों का सूची में नाम नही होने के बावजूद भुगतान किया गया है राशि का नियम विरुद्ध आहरण किया जाना पाया गया है

जिसमे सुनीता चौहान पूर्व सरपंच से 251500.00 रुपये (दो लाख इक्यावन हजार पांच सौ रुपये), प्रेमलाल नारंगे पूर्व सचिव से 83834.00 रुपये (तिरासी हजार आठ सौ तैतीस रुपये) जीरालाल साहूपूर्व सचिव से 83834.00 रुपये (तिरासी हजार आठ सौ तैतीस रुपये) श्री लक्ष्मण प्रसाद बरेठ पूर्व सचिव से 83834.00 रुपये (तिरासी हजार आठ सौ तैतीस रुपये)  राशि में अनियमितता के आरोप में जारी की गई है।और तीन दिवस के भीतर जमा करने का समय सीमा निर्धारित किया गया था अन्यथा नजदीकी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जावेगी लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी न तो राशि वसूली किया गया और न ही नजदीकी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई जो समझ से बाहर है 

शौचालय निर्माण के लिए राशि जारी की गई थी लेकिन सरपंच सचिव ने निर्माण नियम विरुद्ध किया गया  जिसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जैजैपुर ने नोटिस जारी किया।

पूर्व सरपंच सचिव के कारनामा पर जनपद सीईओ मेहरबान

आपको बता दे कि एक साल बाद भी शासकीय राशि को शासकीय अधिकारी को वसूलने में एड़ी चोटी एक करना पड़ रही होगी या सरपंच सचिव से राशि वसूली करने में कोई ध्यान नही होगा अगर सभी पंचायत की ओर एक नजर लगाया जाए तो कही न कही गबन का आरोप लगा ही होगा लेकिन सालों साल बीत जाने के बाद भी अधिकारी की नजर पूर्व की ओर नही पड़ती 

सात सीईओ के बदलने बात वसूली में अनदेखा

आपको बता दे कि लगभग चार साल में सात सीईओ बदल गए लेकिन किसी भी अधिकारी की नजर सरपंच सचिव की गबन राशि को वसूली करने की सुध किसी ने नही ली जिसके कारण सरपंच सचिव का मनोबल बढ़ा हुआ रहता है खबर प्रकाशित होने के बाद ही संज्ञान में लिया जाता है और मोटी रकम लेनदेन कर ठंडे बस्ते में फाइल दब जाता है सरकार की राशि को सरकार की अधिकारी ईमानदारी से अपने कार्य को निर्वहन करते तो आज सरपंच सचिव की इतनी हिम्मत नही होती की शासकीय राशि की दुरूपयोग या गबन करते ।

वर्जन

वसूली के संबन्ध में मुझे जानकारी नही था मेरे पदस्थ होने के पहले की मामला है आपके माध्यम में जानकारी मुझे हुआ है हम वसूली की तत्काल कार्यवाही करेंगे।

बी एस राजपूत

सीईओ

जनपद पंचायत जैजैपुर