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जिंदल स्टील कोल इंडिया और सीआईएल से बंद करेगा कोयला खरीदना, छत्तीसगढ़ से खदानें हासिल करने के बाद जिंदल स्टील कोयला में आत्मनिर्भर हुआ

जिंदल स्टील कोल इंडिया और सीआईएल से बंद करेगा कोयला खरीदना, छत्तीसगढ़ से खदानें हासिल करने के बाद जिंदल स्टील कोयला में आत्मनिर्भर हुआ

जनधारा समाचार
रायपुर. जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) ने हाल ही में संपन्न वाणिज्यिक खनन नीलामी में, छत्तीसगढ़ में गारे पाल्मा चतुर्थ / 1 खदान की सफल बोली लगाते हुए खदान हासिल कर ली थी. नतीजन अगले साल से कोयला आयात को रोकने और कोयला ईंधन को खरीदने की योजना खत्म कर दी है.


जिंदल स्टील प्रायवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विद्या रतन शर्मा ने बताया कि हमें अप्रैल तक और खदानें मिलने की उम्मीद है. वर्तमान में, हम लगभग 2 मिलियन टन आयात करते हैं और कोल इंडिया से लगभग 5 मिलियन टन खरीदते हैं. हमारी योजना कोयले के आयात को रोकने की है और सीआईएल से खरीद बंद करनी होगी क्योंकि गारे पाल्मा खदान संयंत्र की जरूरतों को पूरा करेगी. हम आत्मनिर्भर हो जाएंगे.

छत्तीसगढ़ की खदान कंपनी के 3.4GW के कोयले से चलने वाले पावर प्लांट के पास ही स्थित है, जिससे जेएसपीएल राजस्व का 25 प्रतिशत राज्य सरकार को देती है. गारे पाल्मा खदान से जिंदल को 652 करोड़ रुपये की आय हुई है. 2014 में कोयला ब्लॉकों का आबंदटन रदद होने से पहले इसका संचालन नवीन जिंदल कंपनी द्वारा किया जा रहा था.

जेएसपीएल के एमडी शर्मा ने कहा कि देश में कोयले का बहुत बड़ा भंडार है और इनका इस्तेमाल गैसीकरण प्रक्रिया, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली तकनीक के साथ बेहतर तरीके से किया जा सकता है. वाणिज्यिक खनन नीलामी से सीआईएल पर निर्भरता कम होगी, इससे उन लोगों को मदद मिलेगी जिन्हें पीएसयू से खरीदने के लिए खदानें नहीं मिली थीं.

आयात पर कटौती करने के अलावा, जेएसपीएल अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में अपनी खानों को ऋण मुक्त कंपनी बनाने की योजना के तहत काम करना चाहता है. जेएसपीएल की अफ्रीका में कई कोयला और लौह अयस्क खदानें हैं विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना और मोजाम्बिक में, और ऑस्ट्रेलिया में कोकिंग कोल रिजर्व हैं.

शर्मा ने कहा कि जेएसपीएल का कर्ज अभी 29,000 करोड़ रुपये है और अप्रैल तक घटकर 24,000 करोड़ रुपये रह जाएगा. इस बीच, समूह की कंपनी जिंदल स्टील एंड पावर (मॉरीशस) ने टेम्पलर इन्वेस्टमेंट्स से एक बाध्यकारी प्रस्ताव स्वीकार करते हुए ओमान में स्थित अपनी संपत्ति, जिंदल शदीद आयरन एंड स्टील (जेएसआईएस ओमान) में 1 बिलियन से अधिक के उद्यम मूल्य के साथ अपनी पूरी हिस्सेदारी का विनिवेश करने के लिए तैयार हो गई है. एमडी शर्मा ने कहा कि हमने सबक सीख लिया है और अपने ऋण को हलका करना चाहते हैं. हम 2022-23 तक ऋण को लगभग 15,000 करोड़ रुपये तक लाने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि हम हर साल 5,000 करोड़़ रुपये से 6 हजार करोड़ तक वापस करने की योजना बना रहे हैं.