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प्रथम मुख्यमंत्री पं.रविशंकर शुक्ल एवं केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल की जयंती ब्लॉक बम्हनीडीह में मनाया गया

प्रथम मुख्यमंत्री पं.रविशंकर शुक्ल एवं केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल की जयंती ब्लॉक बम्हनीडीह में मनाया गया

सक्ती, 2 अगस्त। काँग्रेस कमेटी जिला जांजगीर-चाम्पा के जिला अध्यक्ष-डाँ.चौलेश्वर चन्द्राकर के नेतृत्व पर व पूर्व लोकसभा प्रत्यासी-रवि शेखर भारद्वाज,व प्रदेश उपाध्यक्ष-चुन्नी लाल साहू के अगुवाई पर ब्लाक बम्हनीडीह में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पं.रविशंकर शुक्ल जी एवं विद्याचरण शुक्ल जी का जयंती मनाकर उनकी जीवन शैली को याद किया गया जिसमे डॉ. चौलेश्वर चन्द्राकर ने बतलाया कि पं.रवि शंकर शुक्ल जी का जन्म 2 अगस्त 1877 को सागर में हुआ था आपकी शिक्षा सागर तथा रायपुर में हुई। स्नातक और कानून की शिक्षा प्राप्त, उनकी गणना चोटी के वकीलों में होती थी 1901 में उन्होंने शिक्षण के क्षेत्र में प्रविष्ट हुए,और 1902 में  उन्होंने खैरागढ़ रियासत में प्रधानाध्यापक के पद पर नियुक्त हुए। कानून की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद राजनांदगांव में वकालत आरंभ किया। देश सेवा के ध्येय से आप सक्रिय राजनीति में प्रविष्ट हुए तथा रायपुर में रहने लगे,वे लोकमान्य तिलक के विचारों से प्रभावित थे एवं उनके द्वारा संचालित 'होम रूल आंदोलन' का समर्थन किया।
उन्होंने राजनेता होने के साथ अच्छे वक्ता और लेखक भी थे। 1921 में उन्होंने कांग्रेस की औपचारिकता सदस्यता ग्रहण की। हिंदी भाषा के प्रचार के लिए भी वे सदैव सक्रिय रहे, 1922 में नागपुर में सम्पन्न मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। छत्तीसगढ़ में राजनैतिक तथा सामाजिक चेतना जागृत करने के लिए उन्होंने 1935 में 'महाकौशल'पत्र का प्रकाशन आरंभ किया।1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का नेतृत्व का भार छत्तीसगढ़ में उन्होंने संभाला था,स्वतंत्रता के पूर्व आप 1946 में राज्य विधानसभा में मध्य प्रांत के मुख्यमंत्री और पश्चात अविभाजित मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने स्वतंत्रता के बाद रियासतों के विलय में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया पं.रविशंकर शुक्ल जी को आधुनिक मध्यप्रदेश का निर्माता कहा जाता है।आप छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति के समर्थक थे भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थापना का श्रेय आपको है।रायपुर में संस्कृत, आयुर्वेद, विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए महाविद्यालय की स्थापना उनके प्रेरणा हुई छत्तीसगढ़ की उन्नति और यहां सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए उनके प्रयास चिरकाल तक याद किए जाएंगे।31 दिसंबर 1956 को राजनेता महान शिक्षा विद् तथा दूरदर्शिता का देहावसान हुआ। छत्तीसगढ़ शासन ने उनकी स्मृति में सामाजिक आर्थिक तथा क्षेत्र में अभिनव प्रयत्नों के लिए पं.रविशंकर शुक्ल सम्मान स्थापित किया है।
प्रदेश के जाने माने शख्स विद्याचरण शुक्ल जी 9 बार सांसद निर्वाचित होकर अनेकों बार इंदिरा गांधी जी के मंत्रिमंडल रहकर अनेकों डेम बनाये  सिंचाई, नहरों की व्यवस्था कांग्रेस के कार्यकाल में हुई राज्य आंदोलन में बढ़कर कर भाग लिया जिसमें मुख्य अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष माननीय डॉ०चौलेश्वर चंद्राकर जी , पूर्व लोकसभा प्रत्याशी माननीय रवि परसराम भारद्वाज , प्रदेश उपाध्यक्ष माननीय चुन्नीलाल साहू जी , जिला महामंत्री बलराम चन्द्रा , पूर्व प्रदेश प्रतिनिधि राजेन्द्र शुक्ला जी ,किसान कांग्रेस प्रदेश महामंत्री विद्यानंद चन्द्रा , पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रामराज्य पांडेय जी, प्रदेश उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक विभाग माननीय गुलबुद्दीन खान , पूर्व जनपद अध्यक्ष श्री रामलाल सहारे , लोकसभा आईटी सेल जिलाध्यक्ष कुशल कश्यप जी , आईटी सेल विधानसभा जैजैपुर विनोद खुंटे , वरिष्ठ नेता रंगनाथ चन्द्रा जी , बालू जायसवाल , भगवानदिन पटेल ,युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रज़्ज़ाक खान , आईटी सेल प्रदेश महासचिव शिखर कौशिक , युवा नेता साकेत जांगड़े , जिला महासचिव युवा कांग्रेस बरखा वैष्णव , जिला महासचिव युवा कांग्रेस पवन अजगले जी , युवा नेता योगेश बघेल ,जिला महामंत्री कांग्रेस महेश तिवारी , प्रदीप निराला , रामकुमार शास्त्री , नंदकुमार चन्द्रा , रोहन लाल साहू  सरपंच , सन्नी यादव , राजकुमार यादव , रवि यादव , भागवत साहनी , ललित चन्द्रा , देवकुमार यादव इंटक कांग्रेस अध्यक्ष , राजकुमार पटेल , हरीश तिवारी , कमल काका , योगेंद्र साव , हेमंत साहू , प्रमेन्द्र सहारे ब्लॉक प्रवक्ता , नरेश राठौर , रमेश सितलानी , खगेन्द्र साहू , ज्ञान सिंह चन्द्रा , कमल किशोर साहू , रामलाल , दीपक दुबे प्रदेशाध्यक्ष इंटक कांग्रेस , संतोष जयसवाल , हेमंत चौहान , बिट्टू मैट्री , खुशवंत चन्द्रा , कांता मैट्री, लक्ष्मी चौहान , मनहरण करियरे , शत्रुहन दास महंत ,अजय निर्मलकर अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।