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टोकन नहीं कटने से मायूस लौटे सैकड़ों किसान, साफ्टवेयर में सुधार न होने से किसान परेशान

 टोकन नहीं कटने से मायूस लौटे सैकड़ों किसान, साफ्टवेयर में सुधार न होने से किसान परेशान

महासमुंद। बेलसोंडा समिति के पांच गांव के सैकड़ों किसानों का नाम सत्यापित न होने से जहां उनका टोकन नहीं कट पा रहा है। वहीं सिंघी समिति में खरीदी के साफ्टवेयर में सुधार न होने से यहां भी किसान खरीदी न होने से परेशान हंै। यही कारण है कि जिले में पहले ही दिन 9 केन्द्रों में खरीदी शुरू नहीं हो पाई।

प्रशासन की अधूरी तैयारी की पोल आज सुबह तब खुली जब बेलसोंडा समिति के नादगंाव से दर्जनभर किसान टोकन कटाने पहुंचे थे और बारी आने पर उन्हें समिति की ओर से बताया गया कि लिस्ट में उनके खाते का सत्यापन नहीं हो पाया जिससे उनका टोकन नहीं जारी नहीं किया जा सकता। समिति से किसानों को नाराज और मायूस होकर वापस गांव लौट गए। हालांकि पीडि़त किसान मामले की शिकायत करने जिला सहकारी बैंक भी पहुंचे जहां अधिकारियों के न होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। 

पांच गांव के 8 सौ किसानों की है समस्या

नादगांव के किसान नाथू धीवर, प्रभुलाल, लोचन चंद्राकर, बिसहत, फागूलाल, विष्णु और सूखेलाल ने बताया कि खाता सत्यापन न होने की समस्या से केवल उनके गांव के किसान ही नहीं बल्कि समिति के चार गांव मुढैऩा, साराडीह, घोड़ारी, नादगांव और बेलसोंडा के करीब 8 सौ किसानों के खाते का सत्यापन नहीं हो पाया है जिससे उन्हें धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिल पाएगा। इधर, समिति प्रबंधक बालू चंद्राकर का कहना है कि पीडि़त किसानों के खाता संबंधी जानकारी की शिकायत के बाद सुधार कार्य जारी है। कुछ किसानों का सुधारकर समिति के पास भेजा जा रहा है। 

सरकड़ा सोसायटी में किसानों ने जड़ा ताला

पिथौरा ब्लॉक के सरकड़ा समिति में नाराज किसानों ने आज सुबह तालाबंदी कर दी। जानकारी के मुताबिक समिति में सरकड़ा समिति में नयापारा में धान खरीदी की जा रही थी, पर इस वर्ष नयापारा से हटाकर पटपरपाली में धान खरीदी केन्द्र बना दिया गया। जिससे ग्राम लहरौद , नयापारा, सरकड़ा के किसानों की समस्या बढ़ गई है। उन्हे धान बेचने के लिए लम्बी दूरी तय करनी पड़ेगी। बता दें कि समिति में लहरौद, नयापारा, सरकड़ा, अमलीडीह, भिथीडीह, पटपरपाली के 762 किसान पंजीकृत हैं।