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जंगलों में छिपकर अपनी जान नहीं बचा सकते आतंकवादी: विजय कुमार

जंगलों में छिपकर अपनी जान नहीं बचा सकते आतंकवादी: विजय कुमार

श्रीनगर . जम्मू-कश्मीर के पुलवामा मुठभेड़ में शनिवार को जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों के मारे जाने की घटना को सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता करार देते हुए कहा कि नागरिकों को मारने और बाद में घने जंगलों में शरण लेने वाले आतंकवादी अपनी मौत से बच नहीं सकेंगे।

कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के. विजय कुमार तथा विक्टर फोर्स के दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल राशिम बाली ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर त्राल इलाके में इस अभियान की शुरुआत की गयी थी।

उन्होंने कहा कि कठिन इलाके और अन्य बाधाओं के बावजूद 42 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और पुलिस ने समन्वय के साथ काम किया और आतंकवादियों को घेर लिया। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में जैश के सभी तीन आतंकवादी मारे गये।

मेजर जनरल बाली ने कहा कि ये आतंकवादी लंबे समय से इलाके में सक्रिय थे।

आईजीपी कुमार ने कहा कि हमें इन आतंकियों के बारे में पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि ये गुर्जरों की झोपड़ियों में छिपे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह बताया गया है कि वे उन्हें और उनकी महिलाओं को परेशान करने के अलावा उनकी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा रहे थे।

उन्होंने कहा कि हमने सूचना के आधार पर अभियान शुरू किया और जंगल में रहने वाले गुर्जर परिवारों के किसी भी सदस्य को बिना किसी नुकसान या चोट के आतंकवादियों को खत्म कर दिया।

श्री कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया आतंकवादी वकील शाह त्राल इलाके में दो जून को भारतीय जनता पार्टी के नगर निगम पार्षद राकेश पंडिता की हत्या में शामिल था।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को आतंकवादियों की गतिविधि के बारे में सूचना मिल रही है और तत्काल अभियान शुरू किया जा रहा है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आतंकवादी मौत से नहीं बचेंगे, भले ही वे जंगलों या किसी अन्य जगह पर छिप जाएं।

हाल की राजनीतिक हत्याओं के बारे में, विशेष रूप से दक्षिण कश्मीर में, आईजीपी ने कहा कि लोग, विशेष रूप से राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को आतंकवादियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर नेता को सुरक्षा मुहैया कराना संभव नहीं है। लेकिन, राजनेताओं को खतरे की आशंका के अनुसार सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि हम उन लोगों को उचित सुरक्षा मुहैया कराएंगे जो खतरे का सामना कर रहे हैं।

पिछले लगभग एक सप्ताह के दौरान दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा एक भाजपा सरपंच और उसकी पंच पत्नी के अलावा एक अन्य भाजपा नेता और अपनी पार्टी के नेताओं की हत्या कर दी गयी।