breaking news New

जब तक कथा के ज्ञान की बातें श्रोता आत्मसात नहीं करेंगे जीवन में परिवर्तन कैसे आ सकता है

जब तक कथा के ज्ञान की बातें श्रोता आत्मसात नहीं करेंगे जीवन में परिवर्तन कैसे आ सकता है



सक्ती। 
जांजगीर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य राजेंद्र शर्मा ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण एक क्रांतिकारी नायक के रूप में अठाईस में द्वापर युग में दिव्य लीला करते हुए विश्व के लिए प्रेरणास्पद संदेश दिए। भगवान ने अपने अवतार लेने का उद्देश्य पूरा किया और जल, फल तथा थल को मुक्त कर मनुष्यों का कल्याण किया। भागवत की कथा केवल सुनने के लिए ही नहीं सुनना चाहिए , जब तक कथा के ज्ञान की बातें श्रोता आत्मसात नहीं करेंगे तो जीवन में परिवर्तन कैसे आ सकता है ?


     जांजगीर नगर पुरानी बस्ती सड़क पारा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भागवताचार्य राजेंद्र महाराज द्वारा श्री कृष्ण के बाल लीलाओं का सरस वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि भागवत हमारे वैदिक , पौराणिक इतिहास का संस्मरण , वर्तमान परिदृश्य का शोध एवं भविष्य की योजना है और यही इस संसार का सर्वश्रेष्ठ सत्कर्म है।
   कालिया नाग को यमुना से निकाल कर भगवान ने यमुना के जल को प्रदूषण से मुक्त किया , गोवर्धन पर्वत की पूजा करवा कर यह बताया कि हम सबको प्रकृति की पूजा और रक्षा करना चाहिए क्योंकि जब तक धरती में हरियाली रहेगी तब तक ही मनुष्य और उनकी संतान यहां जीवन जी सकेंगे , उन्होंने श्रोताओं को यह भी बताया की सभी अपने जन्मदिन पर अपने हाथ से वृक्षारोपण कर धरती की हरियाली बढ़ाने में अपना योगदान दें और यही प्रकृति की पूजा है।
      आचार्य द्वारा रास पंचाध्याई मैं गोपी भाव और रासलीला का विस्तार से वर्णन करते बताया कि रासलीला का अर्थ है काम भाव नहीं बल्कि निष्काम लीला है , जिसे गोपी बनकर ही समझा जा सकता है द्य रस रूप परमात्मा से आत्मा का मिलना अर्थात यही तादात्म्य भाव महारास है द्य इस अवसर पर विधायक नारायण चंदेल , नगर पालिका अध्यक्ष भगवान दास गढ़वाल , उपाध्यक्ष आशुतोष गोस्वामी , सभापति रामविलास राठौर , नवीन राठौर , विवेका गोपाल यादव , नारायण देवांगन , उमेश राठौर, रामेश्वर गोपाल , आशीष राठौर , अनुराग शुक्ला , दादू राठौर , नंद लाल यादव , गजेंद्र राठौर, सुमंत पटेल , महेश लता राठौड़ , जगदीश मिश्रा , शिबू महाराज एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। आयोजन  सरोज राजकुमार ,  श्यामा विवेक, अंजू आलोक राठौर द्वारा अधिक अधिक संख्या में कथा श्रवण करने की अपील की गई है।