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प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी तनाव से ग्रसित है जो उसके बेहतर प्रबंधन कार्य क्षमता में वृद्धि करता है : आई जी

प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी तनाव से ग्रसित है जो उसके बेहतर प्रबंधन कार्य क्षमता में वृद्धि करता है : आई जी

भिलाई। मार्गदर्शन में तनाव एवं भावनाओं के प्रबंधन के विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन  आई सी ए आई बिल्डिंग सेक्टर 6 भिलाई में किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग  विवेकानंद सिन्हा (भा.पु.से.),  पुलिस अधीक्षक , दुर्ग  प्रशांत ठाकुर (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर  रोहित झा , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं इस कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रज्ञा मेश्राम एवं जिले के अन्य राजपत्रित अधिकारीगण तथा जिला राजनांदगांव , बालोद, कवर्धा , बेमेतरा ,  दुर्ग के सभी थानों , यातायात तथा रक्षित केंद्र का बल के साथ साथ प्रथम वाहिनी, छसबल, 7 वी वाहिनी, भिलाई कुल 230 अधिकारी कर्मचारी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में प्रथम प्रवक्ता के रूप में डॉ प्रमोद गुप्ता मनोचिकित्सक दुर्ग एवं द्वितीय प्रवक्ता के रूप में श्रीमती सीमा तयाल, रायपुर सम्मिलित हुए।

सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना के साथ किया गया तथा इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम के द्वारा परिचायात्मक उद्बोधन दिया गया , इनके द्वारा पुलिस की ड्यूटी के साथ-साथ तनाव एवं भावनाओं के प्रबंधन की आवश्यकता बताते हुए इसके महत्व को बताया गया। साथ ही रेंज से आये सभी अधिकारी कर्मचारियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। पुलिस अधीक्षक  प्रशांत ठाकुर (भा.पु.से.)ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुलिस के सभी सदस्य कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा  घटित अपराध की विवेचना में व्यस्त रहते हैं  ! 

इस दौरान उन्हें विभिन्न प्रकार के चैलेंज मिलते हैं कर्तव्य निर्वहन के साथ साथ पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्व में सामंजस्य स्थापित करने में कठिनाई आती है, जिससे तनाव उत्पन्न होता है। इसलिए आवश्यक है कि इसका प्रबंधन किया जाए इसी महत्वपूर्ण विषय पर पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग के मार्गदर्शन में आज की कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसका लाभ उपस्थित अधिकारी  कर्मचारियों को मिलेगा। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग  विवेकानंद  (भापुसे) ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति जो समाज में है वह किसी न किसी तनाव से ग्रसित है और उसका बेहतर प्रबंधन व्यक्ति के कार्य क्षमता में वृद्धि करता है।

उन्होंने रेंज से आए सभी अधिकारी कर्मचारियों को तनाव और भावनाओं के प्रबंधन के महत्व के संबंध में बताया। तत्पश्चात पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग  विवेकानंद सिन्हा द्वारा इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रवक्ता डॉ. प्रमोद गुप्ता तथा श्रीमती सीमा तयाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। प्रथम प्रवक्ता डॉ. प्रमोद गुप्ता द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के साथ एवं पुलिस की ड्यूटी में आने वाली कठिनाइयों का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अत्यंत आकर्षक तरीके से तनाव प्रबंधन के संबंध में विस्तृत रूप से व्याख्यान दिया गया।

जिला दुर्ग एवं रेंज से आए पुलिस अधिकारी कर्मचारियों ने अपनी जिजीविषा तथा मन में उत्पन्न होने वाले प्रश्नों के संबंध में जाना। इसके पश्चात द्वितीय प्रवक्ता के रूप में सीमा तायल द्वारा भावनाओं के प्रबंधन के संबंध में व्याख्यान दिया गया । सभी पुलिस अधिकारी कर्मचारियों ने पुलिसिंग से हटकर स्वयं के तनाव के प्रबंधन के विषय की कार्यशाला आयोजित किए जाने पर पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग को धन्यवाद ज्ञापित किया ,और कहा कि आज स्वयं के संबंध अपने परिवार के संबंध में तथा कर्तव्य ने निर्वहन के दौरान अपनी प्राथमिकता को निर्धारित करते हुए तनाव से मुक्त कैसे रहा जाए यह आज सीखा  कार्यक्रम के अंत में कार्यशाला में सम्मिलित सभी पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया। इस कार्यक्रम में मंच संचालन  निलेश दिवेदी रक्षित निरीक्षक,  दुर्ग द्वारा किया गया।