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व्यंग्यः ​​अगले जनम मोहे इलेक्ट्रिशयन कीजियो - अखतर अली

व्यंग्यः ​​अगले जनम मोहे इलेक्ट्रिशयन कीजियो - अखतर अली


कलेक्टर , कमिश्नर , मिनिस्टर को फ़ोन लगाने के बाद किसी इलेक्ट्रिशयन को फ़ोन लगाइए आपको आपकी औकात और उसकी हैसियत पता चल जायेगी | उसके हैल्लो से ही कान झल्ला जाता है उसकी आवाज़ में भी करेंट होता है | इलेक्ट्रिशयन का जला बल्ब भी फूक फूक कर जलाता है | समझदारो ने कहा है जिनके घरो में बिजली होती है वो इलेक्ट्रिशयन से बैर नहीं पालते | इन्हें बहुत जतन से रखना होता है ये बात बात पर प्रेमिका की तरह रूठ जाते है |

जैसे मास्टर के हाथ में छड़ी , योद्धा के हाथ में तलवार , पुलिस के हाथ में डंडा , लेखक के हाथ में कलम होती है वैसा ही इलेक्ट्रिशयन के हाथ में टेस्टर होता है | यह टेस्टर जादू की छड़ी है | जिनके घर में चार घंटे से बिजली बंद है इलेक्ट्रिशयन का महत्व बस वही समझ सकते है |

 

जब घर में लाईट चली जाती है तब ऐसा लगता है मानो घर से जवान लड़की कही चली गई है | ऐसे समय इलेक्ट्रिशयन का घर तीर्थ स्थल सा लगता है | अंधेरे घर में इलेक्ट्रिशयन आशा की नई किरण लेकर आता है | वह इंस्पेक्टर की तरह दाख़िल होता है , वकील की तरह सवाल करता है , डाक्टर की तरह जांच करता है फिर जज की तरह फ़ैसला सुनाता है | जो एक फ़ोन पर दौड़ा चले आये उसे इलेक्ट्रिशयन कहलाने का कोई हक नहीं है | चार घंटे के अंधकार के बाद जब लाईट जलती है तब अपना ही घर पर्यटन स्थल जैसा लगता है |

इलेक्ट्रिशयन की सब से अच्छी बात यह है कि वह सब से पहले फाल्ट ढूंढता है फ़िर सुधार का काम शुरू करता है वरना इन आँखों ने ऐसे भी सुधार कार्य पर करोड़ो रूपये खर्च होते देखे है जिसमें फाल्ट क्या है यह किसी को मालूम नहीं |

जब तक फाल्ट पकड़ में नहीं आता इलेक्ट्रिशयन टेंशन में रहता है | जब फाल्ट समझ में आ जाता है तब वह हल्का सा मुस्कुराता है और जेब से गुटखा की पुड़िया निकालता है उसे दो तीन बार झड़कता है , फिर एक खास अदा से उसको दांत से फाड़ता है और अंत में बहुत एहतराम के साथ उसे मुंह के भीतरी कक्ष में दाख़िल करता है | इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उसकी नज़र फाल्ट पर ही टिकी रहती है | जैसे ही इलेक्ट्रिशयन मुंह में गुटखा डालता है पीड़ित पक्ष राहत की सांस लेता है और अंधेरे में डूबे चेहरे अज्ञात नूर से चमकने लगते |

फाल्ट पकड़ने के बाद इलेक्ट्रिशयन सामान की लिस्ट बनाना शुरू करता है | लिस्ट ऐसे लिखता मानो प्रेम पत्र लिख रहा हो | याद कर कर के लिखता और अपने घर में लगने वाला सामान भी यहीं से मंगवा लेता इतना तो उसका हक़ बनता है | सामान के आगे कम्पनी और उसके आगे दुकानदार का भी नाम लिखता , फिर लिस्ट बिजली पीड़ित को इस अंदाज़ में देता मानो इनकम टैक्स की नोटिस दे रहा हो | नोटिस मेरा मतलब है लिस्ट हाथ में लेते ही पीड़ित आत्म समर्पण कर देता और कहता – भय्या मेरे को तो समझेगा नहीं आप ही सामान ले आओ | बस यही तो वह सुनना चाहता था इस प्रकार इलेक्ट्रिशयन जीत के लिये अंतिम बाल पर छै रन बना लेता |

काबिल इलेक्ट्रिशयन में वायरिंग सेंस महिलाओं के ड्रेसिंग सेंस जैसा होता है | इनके काम में कांफिडेंस  तो तब दिखता है जब ये बिजली के वायर में ब्लैक टेप लपेटते है |

घरेलू बिजली एक ही प्रकार की होती है लेकिन इलेक्ट्रिशयन अनेक प्रकार के होते है | एक इलेक्ट्रिशयन महोदय तो ऐसे है उनको जब बुलाओ तो यह कह कर आने से इंकार कर देते है कि आप तो तभी बुलाते हो लाईट नहीं जलती | एक इलेक्ट्रिशयन साहब ऐसे है जो काम तो पूरा जानते है पर काम पर आना नहीं जानते | इनको जब भी फ़ोन करो तब इनका फ़ोन बंद मिलता है , या व्यस्त मिलता है, या कवरेज क्षेत्र के बाहर मिलता है या फिर यह सुनने को मिलता है “ आपने जो नम्बर डायल किया है वह नंबर मौजूद नहीं है , या यह सुनाई देता है “ कृपया डायल किये गये नंबर की पुनः जांच करे | अगर पीड़ित की किस्मत और उनकी गलती से कभी फ़ोन उठा लेते है तो ख़ुद को ऐसे स्थान पर होना बताते है जो आपके स्थान से चालीस पचास किलो मीटर दूर होता है |

एक बार मैं बहुत दौड़ भाग करने के बाद एक इलेक्ट्रिशयन को अपने घर तक लाने में कामयाब हो गया तो पड़ोसी मेरे भाग्य से जलने लगे | इलेक्ट्रिशयन ने पूछा – क्या दिक्कत है ? मैंने कहा दिक्कत तो आप जानेगे मै तो इतना जानता हूं कि रात भर लाईट नहीं थी | उसने कहा – आपके पास टेस्टर है ? इस सवाल से मै चौका , भला मेरे पास टेस्टर क्यों होने लगा ? मैंने कहा – नहीं मेरे पास टेस्टर नहीं है | उसने मेरे को गिरी हुई नज़र से देखा और कहा – जब टेस्टर नहीं है तो पेंचिस , पेचकस और ब्लैक टेप भी नहीं होगा ? मैंने कहा – हां मेरे पास ये सब सामान नहीं है क्योकि मै इलेक्ट्रिशयन नहीं हूं | मेरी बात उसे नागवार गुज़री , उसने कहा फिर तो आपके घर में झारा , चम्मच , पतेली , वाशिंग मशीन और आयरन भी नहीं होनी चाहिये | मैंने कहा जब यह सामान तुम्हारे पास नहीं है तो मेरे पास कैसे हो सकता है ? उसने कहा वह बहस नहीं करना चाहता , जब आप सामान ले आओगे तो फ़ोन कर देना मै आ जाउगा |

इलेक्ट्रिशयन काम के हिसाब से नहीं अपनी ज़रूरत के हिसाब से पैसा लेते है | कुछ इलेक्ट्रिशयन को अपने काम से इतनी नफ़रत होती है कि जब उनको बुलाने उनके घर जाओ तो उनकी पत्नी कहती है – भय्या मेरे ही घर में दो दिन से लाईट नहीं है अगर आपको कोई ढंग का इलेक्ट्रिशयन मिल जाये तो मेरे घर भी भेज देना , मेरे बच्चे आपको दुआये देगे | सुनने में आया है इनके अवैध कनेक्शन भी बहुत होते है |

एक बार मैंने अपने नियमित इलेक्ट्रिशयन को फ़ोन किया तो उसने बताया कि अभी दो तीन दिन नहीं आ पाउगा क्योकि डाक्टर ने आराम करने कहा है |

मेरे को उसकी फ़िक्र होने लगी और मैंने पूछा – क्या हो गया है तुमको ?

उसने बताया कि उसको हाथ में करेंट मार दिया है |

मै चौक गया , तुमको और करेंट मार दिया कैसे ?

उसने कहा कि उसने नंगे हाथो से बिजली का बिल पकड़ लिया था |

हालांकि सब इलेक्ट्रिशयन एक जैसे नहीं होते है | यहां बहुत से योग्य और काम के प्रति गंभीर इलेक्ट्रिशयन भी है | इन्ही की बदौलत घरो में रौशनी है | इलेक्ट्रिशयन के नाम , काम ,आमदनी और महत्ता को देखते हुए ख़ुद पर बहुत गुस्सा आता है कि हाय हम इलेक्ट्रिशयन क्यों न हुए ? खैर इस जनम में नहीं हुए तो नहीं हुए पर उपर वाले से यह प्रार्थना तो कर सकते है कि अगले जनम मोहे इलेक्ट्रिशयन ही कीजियो |