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बर्ड फ्लू पर निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित

बर्ड फ्लू पर निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित


नई दिल्ली, 6 जनवरी। केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी में बर्ड फ्लू से जुड़ी तमाम घटनाक्रमों पर निगरानी के लिए राष्ट्रीय राजधानी में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है ।

पशु पालन एवं डेयरी विभाग ने बुधवार को बताया कि राज्यों में बर्ड फ्लू के नियंत्रण के लिए उठाये जा रहे कदमों की ताजा स्थिति की दैनिक आधार पर जानकारी मिल सकेगी । राजस्थान , मध्य प्रदेश , हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड फ्लू फैलने की पुष्टि हो चुकी है । राजस्थान के बारां, कोटा, झालावाड़ और मध्य प्रदेश के मंदसौर, इंदौर और मालवा में कौआ की मौत हुयी है । हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में प्रवासी पक्षियों तथा केरल के (पोल्ट्री-बतख) - कोट्टायम और अल्लपुझा में पोल्ट्री एवं बत्तख की मौत हुयी है ।

आईसीएआर-एनआईएचएसएडी से संक्रमित नमूनों की जांच के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुयी है ।

स्थिति को देखते हुए एक जनवरी को राजस्थान और मध्‍यप्रदेश राज्यों को परामर्श जारी किया गया है ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। मध्य प्रदेश और राजस्थान ने एवियन इन्फ्लुएंजा की राष्ट्रीय कार्य योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार नियंत्रण उपाय शुरू किए गए हैं। दूसरा परामर्श पांच जनवरी को हिमाचल प्रदेश को जारी किया गया। इसमें राज्य को पोल्‍ट्री की बीमारी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए आवश्‍यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

केरल ने पहले ही महामारी केन्‍द्रों पर 05 जनवरी से नियंत्रण और रोकथाम अभियान शुरू कर दिये हैं। कुल्लिंग प्रक्रिया चल रही है। एवियन इन्फ्लुएंजा के बारे में कार्य योजना के अनुसार प्रभावित राज्‍यों को इस बीमारी पर नियंत्रण और इसके प्रसार को रोकने के लिए किए जाने वाले उपायों के बारे में सुझाव दिए गए है। इस सुझावों में पोल्ट्री फार्मों की जैव सुरक्षा को मजबूत बनाना, प्रभावित क्षेत्रों का कीटाणुशोधन करना, मृत पक्षियों के शवों का उचित निपटान, बीमारी की पुष्टि और आगे निगरानी के लिए समय पर नमूने लेना और उन्‍हें परीक्षण के लिए भेजना प्रमुख है।

संक्रमित पक्षियों से पोल्‍ट्री और मनुष्‍यों में बीमारी के प्रसार की रोकथाम के लिए सामान्य दिशा-निर्देशों के साथ-साथ निगरानी योजनाओं को सघन रूप से लागू करना शामिल है। राज्‍यों को यह भी सलाह दी गई है कि वे पक्षियों की असामान्य मौत के बारे में रिपोर्ट के लिए वन विभाग के साथ समन्वय स्‍थापित करें। अन्य राज्यों से भी पक्षियों की असामान्य मौत के बारे में सतर्कता बरतने और आवश्यक उपाय करने के लिए तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।