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कोरोना की रफ़्तार को देखते हुए शिक्षकों को 50 लाख का बीमा कवर देने की मांग

 कोरोना की रफ़्तार को देखते हुए शिक्षकों को 50 लाख का बीमा कवर देने की मांग

कोरबा। छत्तीसगढ़ में एक बार कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। इसी के साथ कोरोना टीकाकरण भी रफ्तार पकड़ रहा है। इस बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार से कोविड.19 की ड्यूटी में तैनात राज्य के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को फस्र्ट लाइन कोरोना वारियर्स घोषित करने के साथ 50 लाख बीमा कवर की मांग की है।

एन. के.राजवाड़े सचिव जिला कोरबा छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ का कहना है कि कोरोना वायरस टीकाकरण के लिए एक्टिव सर्विलेंस टीम के रूप में शिक्षकों एवं कर्मचारियों को दल प्रभारी बनाया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन के साथ ड्यूटी लगाया गया है। वही, अन्य कार्यों जैसे केंद्र मे टीकाकरण से सम्बंधित कार्यों हितग्राही पंजीयन, मोबाइलाइजेसन के रुप में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रथम पंक्ति का कोरोना वॉरियर्स नहीं माना जा रहा है और ना ही 50 लाख बीमा की सुरक्षा दी जा रही है।

वर्तमान में बहुत से शिक्षक एवं कर्मचारी कोविड से संक्रमित हो रहे हैं और वाहक के रूप में भी कार्य कर रहे हैं, जिससे शिक्षकों एवं कर्मचारियों के जीवन पर खतरा बना हुआ है। विगत दिनों से प्रदेश में कई शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मौत की खबरें भी आ रही हैं, जो चिंताजनक है। अन्य कोरोना वॉरियर्स की तरह ही शिक्षक एवं कर्मचारी भी इस महामारी के दौरान अपना पूरा योगदान दे रहे हैं इसलिए इन्हें भी फस्र्ट लाइन कोरोना वॉरियर्स का दर्जा देना चाहिए और 50 लाख जीवन बीमा की सुरक्षा भी दी जानी चाहिए।