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दुकानों का आबंटन कर अपनी ईमानदारी साबित करें महापौर : नेता प्रतिपक्ष

  दुकानों का आबंटन कर अपनी ईमानदारी साबित करें महापौर : नेता प्रतिपक्ष

 हितग्राहियों के साथ नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने कलेक्‍टर को सौंपा ज्ञापन

राजनांदगांव। नगर पालिक निगम राजनांदगांव क्षेत्र के कमला कॉलेज चौक स्थित मुख्‍यमंत्री स्‍वालंबन योजना के तहत निर्मित 24 दुकानों के आबंटन में पारदर्शिता बरते जाने और विस्‍थापित किए गए दुकानदारों को ही दुकानों का आबंटन किए जाने की मांग नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु के नेतृत्‍व में दुकानदारों ने की है। 4 बिंदुओं को लेकर इस संबंध में कलेक्‍टर को ज्ञापन सौंपा गया है। इस दौरान भाजपा उत्‍तर मंडल अध्‍यक्ष अतुल रायजादा सहित अन्‍य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

दो दिनों से यहां दुकानों के आबंटन को लेकर वाद-विवाद की स्थिति बनी हुई है। नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने कहा कि वे इस सारे मामले का शांतिपूर्वक और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ पटाक्षेप चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि, विगत दिनों संपन्‍न हुई एमआईसी की बैठक में दुकानों के आबंटन की सूची को स्‍वीकृति दी गई और ये सूची मुख्‍यमंत्री स्‍वालंबन योजना के तहत निर्मित दुकानों के आबंटन के लिए कलेक्‍टर की अध्‍यक्षता वाली चयन समिति को प्रेषित की गई है। नियमत: अभी इन 24 दुकानों का आबंटन नहीं हुआ है। 

उन्‍होंने कहा कि दुकानों के निर्माण के लिए यहां से 22 दुकानदारों को हटाया गया। इन्‍हें नोटिस जारी की गई। पंचनामा तैयार किया गया और फोटो-विडियोग्राफी भी की गई। जानकारी मिल रही है कि इन विस्‍थापित 22 दुकानदारों में से महज 13 लोगों का नाम हितग्राहियों की सूची में शामिल है। इसके अलावा अन्‍य दुकानों को किन्‍हीं अन्‍य लोगों को ही आबंटित किए जाने की जानकारी है। यही भी सूचना है कि कुछ दुकानें एक ही परिवार के तीन-तीन लोगों को आबंटित किए जाने की तैयारी है। नेता प्रतिपक्ष श्री यदु ने कहा कि, पात्र हितग्राहियों को दुकानों के आबंटन के बाद ही शेष दुकानें लॉटरी के माध्‍यम से आबंटित हों। 

उन्‍होंने निगम अधिकारी द्वारा कुछ दुकानों में ताला लगाए जाने की आलोचना की। उन्‍होंने कहा कि निगम अमला इसे लेकर पारदर्शिता नहीं बरत रहा है। अगर, दुकानों में ताला लगाने की स्थिति निर्मित हुई तो सभी दुकानों में ताला लगाया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा न करते हुए कुछ ही दुकानों में तालाबंदी की गई। इसके चलते यहां दो दिनों से तनाव की स्थिति बनी हुई है। 

नेता प्रतिपक्ष ने मांग रखी कि 22 दुकानदारों को नोटिस जारी हुई। तैयार की गई फाईल में भी इनके नाम दर्ज हैं। जबकि आबंटन महज 13 दुकानदारों को मिलने की सूचना है। अगर ऐसा है तो उन अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जरुरत है जिन्‍होंने शेष 9 दुकानदारों को गलत नोटिस जारी की। और अगर नोटिस और वहां पहले से दुकानदारों का कब्‍जा प्रमाणित है तो उन्‍हें दुकानों का आबंटन क्‍यूं नहीं किया गया।

उन्‍होंने कहा कि, जानकारी मिल रही है कि कुछ दलाल तत्‍व 5-7 लाख रुपए के एवज में दुकान आबंटित करवाने लोगों से संपर्क कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नहीं पता ऐसे दलाल तत्‍व महापौर, आयुक्‍त या निगम के किस प्रभावशाली व्‍यक्ति के संपर्क में है। ऐसे में पात्र 22 हितग्राहियों को दुकानों का आबंटन पूरा कर महापौर को अपनी ईमानदारी साबित करनी चाहिए।

कलेक्‍टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्षद श्रीमती खेमिन यादव, पारस वर्मा, मणीभास्‍कर गुप्‍ता, गप्‍पु सोनकर, गगन आईच, मधु बैद, अजय छैदेया, कमलेश बंधे, सेवक उइके, राजेश यादव एवं स्‍थानीय दुकानदार मौजूद थे।