प्रयागराज में लॉकडाउन की वजह से अस्थि विसर्जन पर लगा विराम

प्रयागराज में लॉकडाउन की वजह से अस्थि विसर्जन पर  लगा विराम


प्रयागराज। कोरोना के भय से पूरे देश को  लॉक डाउन कर दिया गया है। प्रयागराज में अस्थि विसर्जन में भी पाबन्दी लगा दिया है। इस संकट की घडी में  सनातन हिन्दू धर्म के लोग धैर्य का परिचय दे रहे है , और उन्होंने अपने मृत परिजनों के अस्थि कलश लॉक डाउन खुलने तक पेड़ों पर टांग दिए  है। 

गंगा यमुना और सरवस्ती के संगम प्रयागराज  में प्रतिदिन हजारों की संख्या में अस्थि विरसजन के लिए आते है। दिवंगत व्यक्ति की आत्मा की शांति  के लिए अस्थि विसर्जन  और पिंडदान जैसे मृत्यु संस्कारों के लिए प्रयागराज आये परिजन  लॉक डाउन की वजह से फंस गए है। 

भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के प्रवक्ता पंडित अमितराज वैद्य ने  बताया कि देश भर में पिंडदान प्रयाग ,काशी और गया में होता है। उन्होंने कहा - अस्थि विसर्जन के लिए प्रयागराज का अपना एक महत्व है। बंद खुलने  के बाद प्रयागराज के गंगा के तट पर अस्थि विसर्जन करने वालों का भीड़ देखने को मिलेगा। क्योंकि भारी संख्या में लोग अपने परिजनों का अस्थि विसर्जन करने पहुंचे है। 

राधा कृष्ण निशान वाले झंडे के तीर्थ पुरोहित श्रवण कुमार ने कहा कि जनता कर्फ्यू के बाद ही बड़ी संख्या में यजमान विमानों से अपने -अपने घर  चले गए थे , लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर लगभग 50लोग ट्रेन बंद होने के कारण वापस नहीं जा सके और उनके  रहने खाने की व्यवस्था तीर्थ पुरोहित कर रहे है। इनमें असम , पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के  लोग शामिल हैं। 

उन्होंने बताया  कि इससे पहले अस्थि विसर्जन का कार्य कभी नहीं रुका।  लेकिन लॉक डाउन की वजह से लोगों ने अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। 

chandra shekhar