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BREAKING महंगाई देश की जनता पर मोदी प्रायोजित आपदा - पुनिया

BREAKING  महंगाई देश की जनता पर मोदी प्रायोजित आपदा - पुनिया

7 वर्ष से पदस्थ केन्द्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई महंगाई के खिलाफ जिला मुख्यालयों में पत्रकारवार्ता लेकर चलाया जा रहा अभियान

रायपुर। मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है तब से देश के आर्थिक हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस एवं खाद्यान वस्तुओं सहित तेल के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि से देश की जनता परेशान हैं। मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण ही देश में महंगाई बढ़ी है।

महंगाई देश की जनता पर मोदी प्रायोजित आपदा है। महंगाई के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशन पर जिला मुख्यालयों में चलाए जा रहे अभियान के साथ ही पत्रकारवार्ता ली जा रही है। जिला मुख्यालय रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता उक्त अभियान का हिस्सा है।

उक्ताशय की जानकारी राजीव भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी पी.एल. पुनिया ने दी।

पुनिया ने पत्रकारवार्ता में कहा कि मुनाफाखोरी बढऩे से देश की जनता महंगाई के कारण परेशान है। रोजमर्रा की उपयोग में आनी वाली वस्तुओं की कीमतों से वृद्धि से गांव, गरीब, किसान, मजदूर हलाकान हैं।

केन्द्र सरकार की प्राथमिकता में उक्त लोग नहीं है। देश में बिकने वाली दालें और खाद्य तेल का 70 प्रतिशत हिस्सा उद्योगपति अडानी के कब्जे में है।

उन्होंने नोटबंदी जीएसटी, आर्थिक कुप्रबंधन, नीतिकरण एवं विदेश नीति की असफलता के लिए मोदी सरकार को दोषी ठहराते हुए आम लोगों को जानबुझकर परेशान करने की बात कही। 

पुनिया ने पत्रकारवार्ता में यूपीए सरकार के कार्यकाल एवं मोदी सरकार के कार्यकाल की तुलना करते हुए महंगाई के लिए वर्तमान केन्द्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। पुनिया के अनुसार आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि निम्नानुसार है। 

पेट्रोल कीमत एक्सा. ड्यूटी कच्चा तेल

2013 यूपीए 71.41 रू. 9.48 रू. 141 डॉलर प्रति बैरल

2021 भाजपा 102 रू. 27.90 रू. 82 डॉलर प्रति बैरल

डीजल कीमत एक्साइज ड्यूटी कच्चा तेल

2013 यूपीए 51 रू. 3.56 रू. 141 डॉलर प्रति बैरल

2021 भाजपा 94 रू. 21.80 रू. 82  डॉलर   प्रति बैरल

यूपीए मोदी सरकार

कमर्शियल  सिलेंडर   1327 रू 2000 रू.

घरेलू गैस सिलेंडर 410 रू. 1000 रू.

वस्तु,            2013 कांग्रेस सरकार,     2021 भाजपा सरकार

सरसों तेल     75 रू.                            185 रू.

सोयाबीन तेल 70 रू                           160 रू.

सूरजमुखी तेल 80 रू.                         194 रू.

मूंगफली तेल   90 रू.                        200 रू.

प्याज              10 रू. किलो                40-80 रू. किलो

शक्कर           28 रू. किलो              45 रू. किलो

वस्तु,      2013 कांग्रेस सरकार,      2021 भाजपा सरकार

चना दाल        51.52 रू.                      90 रू.

उड़द की दाल  60.51 रू.                      105.2 रू.

मूंग दाल         55 रू.                           101 रू.

अरहर दाल      70 रू.                           120 रू.

प्लेटफार्म टिकट   2013 में 5 रू.2021 में  50 रू.

7 साल में

नहाने का साबुन - 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी 12 रू. वाला साबुन 16 रू. हो गया

कपड़ा धोने का साबुन - 40 प्रतिशत बढ़ोतरी 10 रू. वाला साबुन 14 रू. हो गया

कपड़ों के दाम में 58 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

जूतों के दाम में - 25 प्रतिशत बढ़ोतरी (18 प्रतिशत जीएसटी के कारण)

सोना 27 हजार प्रति 10 ग्राम (तोला) से बढ़कर 50 हजार रू. प्रति 10 ग्राम

चांदी 32 हजार रू किलों से बढ़कर 69 हजार रू प्रति किलों

मकान बनाने की लागत दोगुनी

2013 तक 500 वर्ग फुट का मकान में अधिकतम लागत 3.5 लाख थी जो        

आज यह 7.5 लाख - तक पहुंच गई

उर्वरक महंगे हुये

1 पोटाश 450 रू. में मिलता था - अब 1000 रू. लगभग

2 सुपर कम्पोस्ट 240 रू. में मिलता था - अब 350 रू. लगभग

3 डीएपी 1200 रू. में मिलता था - अब 2500 रू.

रेल टिकट में दोगुनी वृद्धि

दवाओं का रेट बढ़ा है

डीजल के कारण बस भाड़े में वृद्धि

स्टील की कीमत बढ़ी

नये कृषि कानूनों के कारण जमाखोरी हो रही है और कृषि उत्पादों में मूल्य वृद्धि हो रही है।

डीजल के कारण मालभाड़े में वृद्धि हुई है। जिसके कारण लगभग सभी आवश्यक वस्तुये महंगी है।

केवल सितंबर-अक्टूबर 2021 महीने में 21 बार बढ़े पेट्रोल के दाम

2021 में केवल एक साल में प्याज की कीमतों में 40 प्रतिशत की वृद्धि

हवाई जहाज के तेल से 30 प्रतिशत अधिक महंगा है आम आदमी का पेट्रोल- डीजल  

अकेले 2021 में 205 रू. महंगा हुआ एलपीजी

बैंकों में लेनदेन भी महंगा हुआ कांग्रेस शासनकाल में नि:शुल्क था मोदी सरकार आने के बाद अतिरिक्त चार्ज लेना शुरू हुआ।

महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन में 80 प्रतिशत की वृद्धि।

कॉपी किताब स्टेशनरी में 70 प्रतिशत की वृद्धि।