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मनरेगा के तहत कुआं निर्माण में 68 हजार का हेराफेरी, जनपद अधिकारियों के खिलाफ क्लेक्टर से शिकायत

मनरेगा के तहत कुआं निर्माण में 68 हजार का हेराफेरी, जनपद अधिकारियों के खिलाफ क्लेक्टर से शिकायत

 सूरजपुर।  जिले से राज्य के कैबिनेट मंत्री व केंद्रीय राज्य मंत्री होने के बाद भी जिले में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। ग्रामीण को शासन से मिलने वाले योजनाओ का लाभ नही मिल पा रहा है।  ओड़गी जनपद क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने जिले के डीएम से लिखित शिकायत कर मनरेगा के तहत निर्मित कुआं में 68 हजार का बंदर बांट करने का आरोप पंचायत के सचिव सहित जनपद अधिकारियों पर लगाई है। 

जानकारी के मुताबिक ओड़गी जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोल्हुआ के बासपति सिंह, अशोक केवट व छोटन सिंह ने सोमवार को कलेक्टर को दिए एक लिखित शिकायत में कहा है कि मनरेगा के तहत उनके लिए कूप निर्माण को मंजूरी मिली थी। जिसकी खुदाई व बंधाई का कार्य हितग्राही ने स्वंय के खर्चे से कर लिया और जब राशि देने की बारी आई तो उसे 1लाख 52 हजार की जगह केवल 83 हजार 7 सौ रुपए दिया गया जबकि शेष 68 हजार का लिस्ट पकड़ा दिया गया। जिसमें रिश्वत में खर्च होने की जानकारी दी गई है।

ग्रामीणों के अनुसार 9 हजार उपयंत्री, 6 हजार एसडीओ, सीईओ 4 हजार, पीओ  व कार्यक्रम अधिकारी 2500 ..2500 सौ, बाबू ,आपरेटर 2 ..2 हजार, सरपंच सचिव 10, 10 हजार और चाय पानी का खर्चा 4 हजार की जानकारी दी गई।इसी तरह छोटन के मंजूर 1लाख 72 हजार में से 94 हजार 500 रुपए दिया गया। शेष का इसे भी उसी क्रम में खर्च का हिसाब पकड़ा दिया गया। उधर अशोक केवट को मात्र 40 हजार दिया गया है ।जबकि 4लाख 50 हजार की मंजूरी की जानकारी मिली है। ग्रामीणों ने पूछा है कि क्या यह सही है कि इतनी राशि बतौर रिश्वत लगती है और अगर सही है तो हितग्राही कैसे अपना काम वह भी गुणवत्ता के साथ करे। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस पंचायत सचिव ने यह काम कराया है उक्त पंचायत सचिव पर पूर्व में भी राशि गबन का आरोप है और सरपंच हवालात जा चुकी है। ग्रामीणों ने कहा है कि ऐसे में कैसे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल पायेगा। ग्रामीणों ने इसकी जांच करा कर सम्पूर्ण राशि दिलाने व कार्रवाई की मांग की है।

बतादें कि ओड़गी जनपद में पदस्थ मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी एक आवास कोडिनेटर को बना दिया गया है। साथ ही इंजीनियर को एसडीओ का प्रभार दे दिया गया है। 

साथ ही जिले के समस्त विभागों में आय दिन भ्रष्टाचार का आरोप लगते ही रहे है। जिसके बाद भी अब तक कोई ठोस कार्यवाही देखने को नही मिलती है। बल्कि लीपापोती करके मामले को ठंडे बस्ते में डालने का कार्य चल रहा है।