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अवैध पत्थर की खुदाई कर रहे ग्रामीण का पत्थर में दबने से हुई मौत, घर में पसरा मातम, अब तक आधा दर्जन से भी ज्यादा ग्रामीणों की हो चुकी है मौत जिम्मेदार कौन..?

अवैध पत्थर की खुदाई कर रहे ग्रामीण का पत्थर में दबने से हुई मौत, घर में पसरा मातम, अब तक आधा दर्जन से भी ज्यादा ग्रामीणों की हो चुकी है मौत जिम्मेदार कौन..?


सूरजपुर। जिले के खनिज विभाग पर लग़ातार अनिमियता बरते जाने का आरोप लगते ही रहा है। खनिज विभाग के सरंक्षण में बड़े पहाड़ो की खुदाई दिन दहाड़े बदस्तूर जारी है। जिन पर खनिज विभाग को रोक लगाने के बजाय सरंक्षण दिए हुए है जिसका खामियाजा आधा दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों को जान से हाथ धोना पड़ा है। 


एक बार फिर इस वर्ष एक ग्रामीण का पत्थर खुदाई के दौरान दबने से मौत हुई है। वहीँ एक ग्रामीण अपनी जान गवांते हुए बाल बाल बचा है। प्रशासन ने मृतकों के परिवार को 4 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग किया है।


घटना 13 जून का है। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम देवीपुर पहाड़ में रविवार के शाम को पत्थल खोदते हुऐ देवीपुर निवासी के दो लोग देवीपुर पहाड़ में पत्थल की खुदाई कर रहे थे तभी अचानक पहाड़ धसकने से मलबा उन पर गिर गया। इसमें एक व्यक्ति रंगलाल तो चटटान के अंदर ही दब गया और उसकी मौत हो गई। वहीं उसका साथी लोहागीर किसी तरह निकल गया और गांव वालों को घटना की जानकारी दी। 

 सूचना पर कोतवाली थाना प्रभारी धर्मानंद शुक्ला एवं सूरजपुर एसडीएम पुष्पेन्द्र शर्मा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने पहाड़ में दबे मृतक का शव लोगों की मदद से बाहर निकलवाया तथा पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए की सहायता राशि प्रशासन ने प्रदान कर दी है |

वहीँ पिछले वर्ष जुन माह 2020 में ही देवीपुर में पत्थल खोदते वक्त ग्राम कोट के उरांवपारा का निवासी 30 वर्षीय कलिंदर रोज की भांति पत्थर उत्खनन कार्य करने देवीपुर के पत्थर खदान में पहुंचा और पत्थर निकालते वक्त खदान धसकने से पत्थर का एक चट्टान इसके ऊपर आ गिरा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई थीं। मृतक के दो छोटे बच्चे थे। जिनका बड़ी मुश्किल से भरण पोषण मृतक की धर्म पत्नी कर रही है।


बतादें कि इस क्षेत्र के ग्रामीण बड़ी संख्या अवैध पत्थर खदानो से पत्थल निकालने का कार्य कर रहे है। और क्रेशर संचालकों को एक हजार रुपये ट्रैक्टर की दर से बेचते हैं जिससे इनका गुजारा होता है ऐसे पत्थर खदान खदानों में ग्रामीण काफी संख्या में जान जोखिम में डालकर अपने इस कार्य को अंजाम देते हैं जिस पर खनिज विभाग का अंकुश नहीं होने से ऐसे कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहे हैं। पत्थर खदानों में इससे पूर्व भी कई लोगों की जानें जा चुकी हैं बावजूद विभाग गंभीर नहीं है।