सुप्रीम कोर्ट ने मजदूरों की पलायन से जुड़ी याचिकाओं को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने मजदूरों की पलायन से जुड़ी याचिकाओं को खारिज किया

नईदिल्ली। लॉकडाउन की वजह से  देश की शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को मजदूरों की पलायन से जुड़ी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।  इन याचिकाओं को वकील हर्ष मंदर, प्रशांत भूषण समेत कई वकीलों ने दायर किया था।  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लाखों लोगों के पास लाखों विचार हैं।  हम सभी के विचार नहीं सुन सकते।

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें होटल और रिसॉर्ट्स का इस्तेमाल प्रवासी मजदूरों के लिए किए जाने की मांग की गई थी।  इन याचिकाओं पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि पीआईएल की दुकानों को बंद करना चाहिए।   एसी कमरों में बैठना और जनहित याचिका दाखिल करने से कोई फायदा नहीं होता।  अगर अदालत प्रवासियों और मजदूरों पर विस्तृत रिपोर्ट चाहती है तो हम दायर करेंगे। 

एसजी तुषार मेहता ने कहा कि मजदूरों के पलायन के मामले  पर अदालतों से विशेष निर्देशों की कोई आवश्यकता नहीं है।  राज्य सरकारें पहले से ही आवश्यकतानुसार भवन, स्कूल, होटल आदि में व्यवस्था कर रही हैं।   केंद्र और राज्य सरकारें  बेहतर तरीके से काम कर रही हैं। 

chandra shekhar