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बारिस से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बांगो बांध में 55 सेमी जलस्तर बढ़ा

 बारिस से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बांगो बांध में 55 सेमी जलस्तर बढ़ा

कोरबा।  सावन के पांचवें दिन गुरुवार को भी दिन भर बारिश हुई। इससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। इस बार भी सावन में 10 से अधिक जलाशय लबालब हो गए हैं। बाकी में 71 प्रतिशत तक पानी का भराव हो चुका है। बांगो बांध का जलस्तर 55 सेंटीमीटर बढऩे के साथ ही 354.65 मीटर पहुंच गया। दर्री बराज का जलस्तर भरने पर गेट खोलकर नदी में पानी छोडऩा पड़ा।
नदी नालों के उफान पर होने की वजह से करतला, पाली व कोरबा के वनांचल क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित रही। जिले में अब तक सामान्य की 63.7 फीसदी बारिश हो चुकी है। सबसे अधिक कटघोरा ब्लॉक में 83 प्रतिशत तो करतला ब्लॉक में सबसे कम 41.5 प्रतिशत बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार एक अगस्त तक बारिश का अनुमान है। जिससे अब बाढ़ की संभावना भी बन रही है। 24 घंटे में 17.7 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है। सावन के 5 दिनों में ही 108 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है। जिससे मौसम काफी ठंडा हुआ है। लेकिन निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोग परेशान रहे। हसदेव बांगो बांध में पानी भराव क्षमता 359.67 मीटर है। गुरुवार को जलस्तर 354.65 मीटर दर्ज किया गया है। पानी का भराव 2080.34 मिलियन घनमीटर है। जो कुल भराव का 71.88 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 357.32 मीटर जलस्तर था। इसकी वजह से अगस्त में पूरे महीने गेट खोलकर पानी छोडऩा पड़ा। जलस्तर बढऩे की गति यही रही तो अगस्त में गेट खोलने की नौबत आ सकती है।
जिले के 10 जलाशय ओवर फ्लो होने लगे हैं। केहरानाला, आमाखोखरा, मड़वाढोढ़ा, सैला, पोड़ी पूरी तरह भर चुके हैं। साथ ही एक हजार हेक्टेयर की सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा था। अब बारिश में गेट बंद हैं। जल संसाधन विभाग के ईई सीके धाकड़ का कहना है कि जलाशयों में औसत भराव का 71 प्रतिशत पानी पहुंचा है। पहले अगस्त के बाद ही इतना पानी भरता था। सिवनी से सुखरीकला मार्ग पर जमड़ीनाला के पुल से ढाई फीट उपर पानी बहता रहा। इसके बीच ही लोग आवाजाही करते रहे। इस मार्ग से अमलडीहा, सुखरीखुर्द पंचायत के साथ ही जांजगीर-चांपा जिले के ग्रामीण भी आवाजाही करते हैं। दूसरे मार्ग से जाने पर 25 किलोमीटर घूमना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि पूरे बारिश के समय पुल का यही हाल रहता है। हसदेव दर्री बराज उप संभाग के एसडीओ एसएन साय का कहना है कि दर्री-बराज का गेट रोज खोलना पड़ रहा है। आसपास बस्ती के लोगों को पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया है। नदी किनारे न जाएं, साथ ही मछली पकडऩे वालों को भी आगाह किया गया है।