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ध्वस्त होती स्वास्थ्य सेवाओं के बीच दिल्ली सरकार के विधायक ने दिया तगड़ा झटका, राष्ट्रपति शासन लगाने हाईकोर्ट से अपील

ध्वस्त होती स्वास्थ्य सेवाओं के बीच दिल्ली सरकार के विधायक ने दिया तगड़ा झटका, राष्ट्रपति शासन लगाने हाईकोर्ट से अपील

नईदिल्ली । दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलों और ध्वस्त होती स्वास्थ्य सेवाओं के बीच दिल्ली सरकार को उनके ही एक विधायक ने तगड़ा झटका दिया है। विधायक शोएब इकबाल ने बिगड़ती स्थिति को लेकर पार्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मटिया महल से विधायक का कहना है कि कोरोना से दिल्ली में स्थित बदतर हो गई है।

उन्होंने हाईकोर्ट से अपील की है कि दिल्ली में अव्यवस्था फैल गई है और यहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। पार्टी विधायक ने कहा कि दिल्ली में कोई काम नहीं हो रहा है। दिल्ली में कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में न बेड है, न ऑक्सीजन है और ना दवाइयां मिल रही है। यहां कोई काम नहीं हो रहा है। ऐसे में दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए।

आप विधायक ने कहा कि दिल्ली में कागजों पर ही सरकार चल रही है। उन्होंने कहा कि मैं छह बार से विधायक हूं। मैं सबसे सीनियर विधायक हूं। कोई सुनने वाला नहीं है, कोई नोडल अधिकारी नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे में तुरंत प्रभाव से दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
आप विधायक की तरफ से राष्ट्रपति शासन की मांग पर भाजपा और कांग्रेस राष्ट्रपति शासन के समर्थन में आ गए हैं। भाजपा नेता ने कहा कि शोएब इकबाल सही कह रहे हैं। स्थितियां अरविंद केजरीवाल के हाथ से बाहर निकलती जा रही है। इससे पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने भी दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की थी।

उन्होंने कहा कि उन्हें बेहद दुख है कि वह किसी की मदद नहीं कर पा रहे हैं। छह बार विधायक होने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं है। उनका कहना है कि वह तो यही चाहते हैं दिल्ली में तुरंत राष्ट्रपति शासन लग जाए वरना यहां लाशें बिछ जाएंगी।
शोएब इकबाल ने ऐसी मांग इसलिए रखी है क्योंकि उनका कहना है कि दिल्ली को केंद्र का सहयोग नहीं मिल रहा है, अगर केंद्र के हाथ में सबकुछ आए तो काम हो पाएगा। तीन माह के लिए दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगना ही चाहिए।