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ग्रामीण की हत्या मामले में पति-पत्नी को गिरफ्तार करने में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की

ग्रामीण की हत्या मामले में पति-पत्नी को गिरफ्तार करने में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की

कोरबा । दो साल पूर्व सन 2019 में बांगो थाना इलाके में घटित हुई एक हत्याकांड के आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार करने में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. द्पड्डिा आरोपी सीएसईबी चौकी अंतर्गत कोहडिय़ा के एक घर मे छिपे हुए थे। सूचना पाकर पुलिस की टीम ने मौके पर दबिश दी और उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उन्होंने हत्या के आरोपो को कबूल लिया है. बांगो पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के विरुद्ध भादवि 302, 201, 34 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है. पूरे मामले का खुलासा एसडीओपी रामगोपाल करियारे ने कटघोरा में मीडिया के सामने किया है।
इस बारे में श्री करियारे ने बताया गया कि 25 अक्टूबर 2019 में बांगो थाना के एतमनागर घाट रोड के रहने वाले परदेशी यादव पर डंडे और लाठी से हमला करते हुए उसे ग्भीर रूप से घायल कर दिया गया था जिसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था. रिपोर्ट पर मौके पर पहुंची डायल 112 व बांगो पुलिस को मृतक परदेसी यादव की पत्नी ने बताया कि उसके पति की हत्या पड़ोस के ही रहने वाले छन्नू मंझवार और उसकी पत्नी हेमकुंवर ने मिलकर की है। इस जानकारी के बाद पुलिस उन आरोपियों तक पहुंच पाती इससे पहले छन्नू व उसकी पत्नी हेमकुंवर फरार हो चुके थे। बांगो थाने में दोनों के विरुद्ध अपराध कायम कर उनकी खोजबीन शुरू कर दी गई थी.
मृतक परदेशी की पत्नी ने बताया कि मूलत: गढ़ उपरोड़ा के रहने वाले छन्नू और उसकी बीवी हेमकुंवर एतमनागर में रह रहे थे। छन्नू पेशे से मछुवारा है, घटना की रात दोनों पति पत्नी गाली गलौच करते हुए उनके घर आये और उनके पति परदेशी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए उसे घर से बाहर आने को कहा, परदेशी उनकी आवाज सुनकर जैसे ही बाहर आया द्पती उसपर टूट पड़े और पास रखे लाठी-डंडे से हमला करते हुए परदेशी को ग्भीर रूप से घायल कर दिया। 112 की टीम ने उसे फौरन पोंड़ी-उपरोड़ा के अस्पताल दाखिल कराया लेकिन वहां उसकी मौत हो गई। हमले के दौरान आरोपी पति-पत्नी ने परदेशी की पत्नी को भी जान से मारने की धमकी दी लेकिन उसने मौके से भागकर अपनी जान बचा ली। इस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी छन्नू और हेमकुंवर नाव में बैठकर गढ़-उपरोड़ा भाग निकले. पुलिस जब गढ़- उपरोड़ा पहुंची तो वे वहां से भी फरार हो गए। पुलिस को बताया गया कि छन्नू और हेमकुंवर अ्िबकापुर के रास्ते उत्तरप्रदेश के प्रयागराज भाग निकले है। टीम ने उन्हें पकडऩे वहां भी दबिश दी लेकिन नाकाम रहे। इस तरह आरोपी द्पती करीब दो सालों तक पुलिस को चकमा देकर अपना लोकेशन बदलते रहे। कोरबा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि छन्नू और हेमकुंवर कोहडिय़ा आये हुए है और एक घर मे छिपे है। जिसके बाद दबिश देकर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी में बांगो टीआई के नेतृत्व में उपनिरीक्षक एनपी लहरे, आरक्षक सलामुद्दीन, सन्तोष तिवारी, उमेश खूंटे व सीएसईबी चौकी के स्टाफ की भूमिका रही।