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ब्रेकिंग : बर्ड फ्लू का कहर, केरल में राजकीय आपदा घोषित, चिकन-अंडे की दुकानें बंद करने का आदेश, 40,000 पक्षियों को मारना पड़ेगा : प्रशासन

ब्रेकिंग : बर्ड फ्लू का कहर, केरल में राजकीय आपदा घोषित, चिकन-अंडे की दुकानें बंद करने का आदेश, 40,000 पक्षियों को मारना पड़ेगा : प्रशासन

नई दिल्ली. केरल में कोरोना वायरस महामारी के बीच अब एक नया संकट गहराता दिखाई दे रहा है। देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू फैल गया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश के बाद हिमाचल और केरल तक बर्ड फ्लू से दहशत मच गई है जिसे देखते हुए राज्य सरकारों ने अलर्ट जारी किया है। केरल ने तो इसे राजकीय आपदा घोषित कर दिया है। वहीं, मध्य प्रदेश के मंदसौर और कर्नाटक के बंगलुरु में चिकन और अंडे के शॉप फिलहाल बंद रहेंगे।

दरअसल, कोट्टायम और अलप्पुझा जिलों के कुछ हिस्सों में बर्ड फ्लू फैलने की जानकारी सामने आई है, जिसके चलते प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में और उसके आसपास एक किलोमीटर के दायरे में बत्तख, मुर्गियों और अन्य घरेलू पक्षियों को मारने का आदेश देने पर मजबूर होना पड़ा है। कोट्टायम जिला प्रशासन ने कहा कि नींदूर में एक बत्तख पालन केंद्र में बर्ड फ्लू पाया गया है और वहां करीब 1,500 बत्तख मर चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसी तरह अलप्पुझा जिले के कुट्टानद के कुछ फार्म में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं।

अधिकारियों ने कहा कि भोपाल में की गई नमूनों की जांच में बर्ड फ्लू के प्रकोप की पुष्टि हुई है। राज्य पशुपालन मंत्री के राजू ने तिरुवनंतपुरम में कहा कि सरकार उन किसानों को मुआवजे का भुगतान करेगी, जिनके घरेलू पक्षियों को बर्ड फ्लू के चलते मारा जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि एच5एन8 वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए करीब 40,000 पक्षियों को मारना पड़ेगा। सूत्रों ने बताया कि हालात काबू में होने के बावजूद प्रशासन ने जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है क्योंकि यह वायरस मनुष्य को भी संक्रमित करने की क्षमता रखता है। केरल में वर्ष 2016 में बड़े पैमाने पर बर्ड फ्लू फैला था।

केरल के मंत्री के राजू ने इस बात की पुष्टि की है कि पांच से 8 सैंपल में वायरस के प्रमाण मिले हैं। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भले ही अभी पोल्ट्री पक्षियों में कोई लक्षण नहीं दिखे हों, लेकिन फिर भी पोल्ट्री व पोल्ट्री उत्पाद बाजार, फार्म, जलाशयों एवं प्रवासी पक्षियों पर विशेष निगरानी रखी जाए।