एसडीएम के रीडर ने अधिकारी को धमकाया, 'तुम्हारी सारी गढ़मस्ती निकाल दूंगा' पीड़ित अधिकारी 13 वर्षीय पुत्री के खत्म होने के बावजूद कर रहा डयूटी

एसडीएम के रीडर ने अधिकारी को धमकाया, 'तुम्हारी सारी गढ़मस्ती निकाल दूंगा' पीड़ित अधिकारी 13 वर्षीय पुत्री के खत्म होने के बावजूद कर रहा डयूटी

रायपुर. दुर्ग एसडीएम के रीडर संतोष त्रिपाठी तथा शासकीय अस्पताल के प्रोग्राम मैनेजर संजीव दुबे के बीच फोन पर हुआ विवाद का आडियो वायरल हो गया है जिसमें रीडर प्रोग्राम मैनेजर को धमका रहा है कि मैं तुम्हारी सारी गढ़मस्ती निकाल दूंगा. दूसरी ओर प्रोग्राम मैनेजर संजीव दुबे विनम्रता से बात कर रहे हैं. आश्चर्य कि उनकी 13 वर्षीय पुत्री चार रोज पहले ही खत्म हुई है, इसके बावजूद वे कोरोना मरीजों की सेवा में लगे हुए

आडियो को सुनने पर पता चलता है कि एसडीएम का रीडर अपने पद और रूतबे की पूरी धौंस दिखा रहा है. दरअसल रीडर महोदय कोरोना से पीड़ित हैं. वे चाहते हैं कि रिपोर्ट आने के पहले ही उन्हें आइसोलेट कर दिया जाए. वे प्रोग्राम मैनेजर संजीव दुबे को धमकाते हुए कहते हैं कि तुम पहले पाजिटिव रिपोर्ट देते हो फिर निगेटिव. ना मेडिकल किट भिजवा रहे हो और ना ही आइसोलेट कर रहे हो. मुझे क्या समझते हो. अपने पे आ गया तो तुम्हारी सारी गढ़मस्ती निकाल दूंगा. जो उखाड़ना हो उखाड लेना.

दूसरी ओर प्रोग्राम मैनेजर उन्हें सर कहते हुए विनम्रता से बात कर रहे हैं. वे कहते हैं कि सर जब तक फायनल रिपोर्ट नही आती मैं कैसे आपको आइसालेट कर सकता हूं. रिपोर्ट तो मेरे हाथ में नही है, मशीन के हाथ में है. कई अनुरोध के बावजूद एसडीएम के रीडर का घमण्ड जारी रहता है. एसडीएम का रीडर चाहता है कि उसे रिपोर्ट आने के पहले आइसोलेशन कर दे. इसी बात को लेकर रीडर शासकीय चिकित्सक दुबे को मोबाइल पर धमका रहा है. फिर वह अपने किसी सीनियर से बात कराता है और प्रोग्राम मैनेजर संजीव दुबे उन्हें सारी स्थिति समझाते हैं तब बात सामान्य होती है. आश्चर्य यह है कि दुबे की 13 वर्षीय पुत्री चंद दिनों पहले ही खत्म हुई है, इसके बावजूद वे कलेक्टर महोदय के अनुरोध पर शासकीय दायित्व निभा रहे हैं और कोरोना मरीजों की सेवा कर रहे हैं.

इस आडियो के वायरल होने के बाद से कोविड संक्रमण रोकथाम मे लगे मेडिकल स्टाप में काफी रोष है तथा कलेक्टर से एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं.