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महामारी के दौरान सीमा पर चुनौती भरे हालात प्रधानमंत्री ने सेना के ''अटल समर्पण'' की सराहना की

महामारी के दौरान सीमा पर चुनौती भरे हालात प्रधानमंत्री ने सेना के  ''अटल समर्पण'' की सराहना की

केवडिया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल उत्तरी सीमा पर चुनौती भरे हालात और कोरोना वायरस की स्थिति का सामना करने के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित ''अटल समर्पण'' की सराहना की। सैन्य कमांडरों के संयुक्त सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना को ''भविष्य के बल के रूप'' में विकसित होने को भी कहा। सम्मेलन की शुरुआत बृहस्पतिवार को हुई थी। बयान के मुताबिक, '' मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली के स्वदेशीकरण पर बल देते हुए कहा ना केवल हथियारों को लेकर पर बल्कि सिद्धांत, प्रक्रियाओं और रीति-रिवाजों में भी स्वदेशीकरण पर जोर दिया जाए।

इसके मुताबिक, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को सम्मेलन के दौरान हुई चर्चा से भी अवगत कराया। मोदी ने सम्मेलन के एजेंडे और रूपरेखा पर सराहना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) और गैर-कमीशन अधिकारियों को भी शामिल किये जाने की तारीफ की। राष्ट्रीय रक्षा व्यवस्था के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पिछले साल, कोविड महामारी और उत्तरी सीमा पर स्थिति, के संदर्भ में दिखाए गए अटल समर्पण की प्रशंसा की। मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना के सैन्य और असैन्य दोनों हिस्सों में मानवशक्ति नियोजन के पूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और एक समग्र दृष्टिकोण के साथ ही फैसले लेने की गति को बढ़ाने का आह्वान किया। इससे पहले दिन में अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतरने के बाद प्रधानमंत्री केवडिया के लिये रवाना हुए थे।

केवडिया प्रदेश की राजधानी से करीब 200 किलोमीटर दूर है। प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी एवं उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने अहमदाबाद हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री की अगवानी की।