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विश्व प्रसिद्ध पर्यावरण फिल्म्स सीरीज अर्थ मैटर्स की विशेषज्ञ टीम पहुंची बस्तर मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म पर

विश्व प्रसिद्ध पर्यावरण फिल्म्स सीरीज अर्थ मैटर्स की विशेषज्ञ टीम पहुंची बस्तर मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म पर


पर्यावरण से जुड़े गंभीर मुद्दों पर कई विश्व प्रसिद्ध फिल्मे बना चुकी है विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् फ़िल्म निर्माता 'माइक पांडे' की यह संस्था


डॉ राजाराम त्रिपाठी व उनकी दुर्लभ औषधीय पौधों की कृषि की संघर्ष यात्रा पर बन रही है यह अंतरराष्ट्रीय फिल्म

कोंडागांव। यूं तो देश विदेश के प्रगतिशील किसानों के लिए कोंडागांव का "मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म तथा रिसर्च सेंटर" किसी तीर्थ स्थल से कब नहीं माना जाता। आए दिन यहां देश के अलग-अलग भागों से जैविक खेती तथा औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसान, वैज्ञानिक, शोधार्थी गण यहां की जैविक हर्बल खेती तथा विशेष रूप से आस्ट्रेलियन टीक व कालीमिर्च की युगलबंदी के साथ "उच्च लाभदायक बहुस्तरीय खेती (उलाबखे) के सफल माडल को देखने, सीखने के लिए आते ही रहते हैं। देश के माननीय राष्ट्रपति श्री कलाम साहब, प्रदेश के मुख्यमंत्री जी, राज्यपाल जी सहित देश विदेश की कई नामचीन हस्तियां इन फार्म्स तथा रिसर्च सेंटर का भ्रमण कर चुकी हैं। इसी तारतम्य में इस बार पर्यावरण के मामलों पर विश्व प्रसिद्ध टीवी सीरीज "अर्थ मैटर्स" के कई एपिसोड बना चुके विश्वप्रसिद्ध पर्यावरणविद् माईक पांडे की टीम शूटिंग हेतु दिल्ली से कोंडागांव  "मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म तथा रिसर्च सेंटर" पहुंची हुई है। 'हर्बल किंग' के नाम से मशहूर बस्तर के कृषि विशेषज्ञ डॉ राजाराम त्रिपाठी की औषधीय पौधों की खेती की उतार चढ़ावों से भरपूर संघर्ष यात्रा तथा  सफलता पर बन रही  यह अंतरराष्ट्रीय फिल्म सीरीज "अर्थ मैटर्स" के आगामी एपिसोड्स में दिखाई जाएगी। भारत में इसका प्रसारण दूरदर्शन, प्रसार भारती भारत सरकार के द्वारा किया जा रहा है।


  इसमें मुख्य रूप से डाक्टर त्रिपाठी द्वारा कोंडागांव व आसपास के कई गांवों के सैकड़ों आदिवासी किसान परिवारों के साथ मिलकर सामूहिक रूप से की जा रही काली मिर्च तथा आस्ट्रेलियन टीक, स्टीविया, सफेद मूसली, गुगल, अश्वगंधा के साथ अन्य दुर्लभ तथा विलुप्त प्राय लाभदायक मेडिसिनल प्लांट्स की खेती के साथ ही देश-विदेश में बहुचर्चित  "उच्च लाभदायक बहुस्तरीय (खेती उलाबखे)" के सफल कोंडागांव मॉडल का फिल्मांकन कर पूरी दुनिया को दिखाया जाएगा। "अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ IUCN "  के द्वारा जारी रेड डाटा बुक (Red data book) में दर्ज की गई दुर्लभ तथा विलुप्तप्रायव खतरे में पड़ी वनौषधियों की प्रजाति  (RET = Rare Endangered Threatened Plants) को उनके प्राकृतिक रहवास में रोपण, संरक्षण तथा संवर्धन हेतु, यहां स्थित अपने 7 सात एकड़ जमीन पर पिछले 25 वर्षों तक लगातार कठोर परिश्रम कर तैयार किए गए  मानव निर्मित वन में स्थित "इथनो मेडिको हर्बल गार्डन" को भी इसमें फिल्माया जावेगा। मानव निर्मित इस वन में संरक्षित 300 से भी ज्यादा दुर्लभ वनौषधियों को भी कैमरे में कैद किया जा रहा है।

इस फिल्म की एक और खूबी यह है कि इस एपीसोड में बस्तर की स्वर कोकिला कहीं जाने वाली शिप्रा त्रिपाठी के द्वारा गाया हुआ बस्तर का लोकगीत भी सम्मिलित किया जा रहा है। इस एपीसोड में अनुराग त्रिपाठी, जसमती नेताम, कृष्णा नेताम शंकर नाग अन्य किसानों को औषधीय पौधों की खेती का प्रशिक्षण देते हुए दिखाई दे सकते हैं। वहीं बौद्धिक संपदा अधिकार व ब्रांड विशेषज्ञ अपूर्वा त्रिपाठी इनकी ग्लोबल ब्रांडिंग, गुणवत्ता तथा इनकी विपणन योजना पर प्रकाश डालते हुए दिखाई देंगी। इस एपिसोड की शूटिंग करने वाली विशेषज्ञ टीम तथा मां दंतेश्वरी हर्बल समूह का मानना है, इस फार्म की अनूठी खूबसूरती , यहां उगाई जा रही दुर्लभ वनौषधियां तथा इसकेे फिल्मांकन में लगी समूची टीम के द्वारा लगातार मेहनत कर बहाये जा रहे पसीने से यह तय है कि इस एपीसोड के जरिए कोंडागांव छत्तीसगढ़‌ की अनूठी हर्बल खेती का परचम पूरे विश्व में निश्चित रूप से लहराएगा।