breaking news New

60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने की तैयारी शुरू

60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने की तैयारी शुरू

 टीकाकरण के लिए आयुष्मान भारत से संबद्ध 19 निजी अस्पताल चिन्हित

राजनांदगांव, 26 फरवरी।  कोरोना योद्धाओं और फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना का टीका लगाने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने अब 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा 45 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोगों को भी टीका लगाया जा सकता है जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। यह प्रक्रिया एक मार्च से शुरू की जाएगी। 

कोरोना संक्रमण की रोकथाम तथा इससे बचाव के लिए भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार वैक्सीनेशन का कार्य तेजी से करना है, ताकि अन्य बचे हुए वॉरियर्स को भी जल्द टीका लगाया जा सके। इस गाइड लाइन का पालन करते हुए राजनांदगांव जिले में अब तक 26,218 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिनमें 15,832 हेल्थ केयर वर्कर हैं। कोरोना टीकाकरण के लिए पंजीकृत कुल 18,879 हेल्थ केयर वर्कर्स में 13,104 को पहला तथा 2,278 को कोरोना टीके का दूसरा डोज दिया जा चुका है। साथ ही चिन्हांकित किए गए कुल 10,836 फ्रंट लाइन वर्कर्स में 8,611 को पहला तथा 2,225 को दूसरा डोज दिया गया है। एक मार्च से शुरू किए जाने वाले कोरोना टीकाकरण से संबंध में जिला टीकाकरण अधिकारी डा. बीएल कुमरे ने बताया, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को आयुष्मान भारत से संबद्ध निजी अस्पतालों में कोरोना टीके का डोज दिया जाएगा। इसके लिए 19 निजी अस्पतालों को चिन्हित किया गया है, जहां टीकाकरण की तैयारी की जा रही है। तैयारी की वजह से दो दिन यानी 27 व 28 फरवरी को कोरोना का नियमित टीकाकरण कार्यक्रम रद्द किया गया है। इसके बदले चिन्हित शेष सभी का टीकाकरण एक मार्च से पुनः किया जाएगा। डा. कुमरे ने बताया, कोरोना टीकाकरण को लेकर लोगों में अब जागरूकता भी देखी जा रही है। यही वजह है कि प्रत्येक सेंटर में 80 प्रतिशत से अधिक वैक्सीनेशन हो रहा है। इस दौरान अच्छी बात यह भी है कि अब तक किसी भी वॉरियर्स ने टीका लगाने के बाद प्रतिकूल प्रभाव होने की शिकायत नहीं की है। डा. कुमरे ने बताया, 16 फरवरी से कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज देना शुरू किया गया है। वैक्सीन लगवा लेने के बाद लाभार्थी में कोरोना संक्रमण से लड़ने की इम्युनिटी बनी रहेगी।

प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन और संक्रमण की दर के बढ़ने के मद्देनजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सचेत हो गया है। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने चिन्हित संवेदनशील जगहों पर एक बार फिर कोविड स्क्रीनिंग एवं कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए सेंटर खोले हैं। रेलवे स्टेशन पर महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा होती है, इसलिए यहां पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश चौधरी ने बताया, आवश्कता पड़ने पर स्क्रीनिंग काउंटर की संख्या बढ़ाई जा सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारी चल रही है। उन्होंने लोगों से वर्तमान समय में और अधिक सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है, मॉस्क लगाना और दो गज दूरी का पालन करना अभी भी जरूरी है। कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन सभी को करना चाहिए। कोरोना वायरस के नए म्यूटेड स्ट्रेन के लक्षण (जैसे बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, स्वाद और गंध का पता न चलना इत्यादि) जैसे ही हैं। लेकिन इसमें बुखार ज्यादा तेज आता है और खांसी भी बढ़कर आती है। स्वाद और गंध न पता चलने की समस्या भी अधिक तेजी से आती है। यह अधिक तेजी से फैलने वाला संक्रमण है, इसलिए इससे सतर्क रहना चाहिए।