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ब्रेकिंग : विधानसभा में मत विभाजन की नौबत..सरकार की हुई किरकिरी..क्या पीसीसी अध्यक्ष मरकाम को जारी होगा नोटिस? चंदुलाल चंद्राकर चिकित्सा महाविद्यालय का मामला..विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने दिखाया संसदीय परंपराओं का दम..

ब्रेकिंग : विधानसभा में मत विभाजन की नौबत..सरकार की हुई किरकिरी..क्या पीसीसी अध्यक्ष मरकाम को जारी होगा नोटिस? चंदुलाल चंद्राकर चिकित्सा महाविद्यालय का मामला..विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने दिखाया संसदीय परंपराओं का दम..

अनिल द्विवेदी

रायपुर.  छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज अजीब सी स्थिति निर्मित हो गई। चंदूलाल चंद्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय प्रस्ताव पर आज सदन में मत विभाजन की स्थिति निर्मित हो गई। 

दरअसल सत्तापक्ष ने निजी महाविद्यालय के शासकीयकरण संबंधी प्रस्ताव पेश किया तो विपक्षी विधायकों ने इस पर आपत्ति जताते हुए अपनी बात रखी और संशोधन विधेयक पेश कर दिए लेकिन सत्तापक्ष ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। भारतीय जनता पार्टी के विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने इस पर दो प्रस्ताव प्रस्तुत करके इस पर  संशोधन प्रस्ताव रख दिया। 

बृजमोहन का पहला संशोधन प्रस्ताव यह था कि अस्पताल के कर्मचारियों का सरकारी करण किया जाए और दूसरा प्रस्ताव यह था कि हितग्राहियों के लोन की राशि का भुगतान किया जाए सत्ता पक्ष ने इन दोनों प्रस्तावों को खारिज कर दिया यानी अमान्य कर दिया। इसके बाद विपस् इसके बाद विपक्ष ने इस पर मत विभाजन की मांग कर डाली जिसे सुनकर सत्तापक्ष सकते में पड़ गया क्योंकि उसके आधे से ज्यादा विधायक सदन से बाहर थी इसके बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने इस पर मत विभाजन की व्यवस्था देते हुए कहा कि जो लोग जो लोग संशोधन केपक्ष में है मेरे दाएं और आ जाएं और जो संशोधन के विपक्ष में हैं वे मेरे बाएं ओर आ जाएं। स्पष्ट कर दें कि यह मत विभाजन की व्यवस्था दी गई थी। 

इसके बाद सरकार के मंत्री थोड़ा असहज हो गए। मत विभाजन हुआ तो हुआ तो जल्द ही रिजल्ट भी सामने आ गया प्रस्ताव के पक्ष में यानी विपक्ष के 16 मत पड़े जबकि प्रस्ताव के विपक्ष में यानी सत्ता पक्ष के 56 वोट पड़े यानी कि विपक्ष द्वारा पेश किया गया संशोधन बहुमत से खारिज कर दिया गया। 

हालांकि इसके बाद भी सत्ता पक्ष की मुश्किलें कम नहीं हुई। विपक्ष के विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह जो मत विभाजन हुआ है यह एक संशोधन के लिए हुआ है दूसरे संशोधन के लिए  नहीं। इसके बाद अध्यक्ष महंत जी ने विपक्ष को समझाया कि इसे हम ठीक कर लेंगे लेकिन अग्रवाल ने कहा कि हमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन यदि सबकुछ विधि सम्मत होगा तो भविष्य में कोई समस्या नहीं है इसके बाद लगा कि मत विभाजन होगा लेकिन अध्यक्ष के समझाने के बाद विपक्ष ने इस पर सहमति दे दी और ध्वनि मत से संशोधन प्रस्ताव खारिज हो गया। 

क्या पीसीसी अध्यक्ष मरकाम को जारी होगा नोटिस?

जब मत विभाजन की प्रक्रिया चल रही थी तो संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने अपनी सीट पर खड़े होकर कहा कि आज यह ऐतिहासिक अवसर है जब दूसरी बार मत विभाजन की स्थिति बनी है इससे जूनियर विधायकों को बहुत कुछ सीखने को मिला है चौबे ने यह भी कहा कि आज एक और स्थिति साफ हो गई कि जोगी कांग्रेस के कई विधायक विपक्ष के साथ में हैं इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि क्या कोई व्हिप जारी हुआ था अजय चंद्राकर ने कहा कि आपके सत्ता पक्ष के कई विधायक बाहर थे वे मत विभाजन में शामिल नहीं हुए उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम खुद लॉबी में मौजूद थे लेकिन मत विभाजन के लिए नहीं है ऐसे में क्या उन्हें आप की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी होगा। 

संसदीय परंपराओं के ज्ञान में भारी पड़ा विपक्ष

इस पूरे मामले में एक स्थिति साफ हो गई कि कांग्रेस के बहुत से विधायक नए हैं और उन्हें संसदीय परंपराओं का ज्ञान नहीं है जब सदन में कोई विधेयक पेश हुआ हो तब ऐसे में सभी विधायकों को सदन में रहना चाहिए ताकि मत विभाजन की स्थिति आने पर सरकार को परेशानी ना हो लेकिन कई विधायक अपना भाषण रखने के बाद गायब हो गए थे दूसरी ओर विपक्षी भाजपा के सभी विधायक सीट पर मौजूद थे विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने इस पूरे मामले में साबित कर दिया कि संसदीय परंपराओं के ज्ञान के मामले में वे किस कदर विशेषज्ञ हैं।