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प्रधान ने ओडिशा सरकार से कोटिया सीमा विवाद पर कदम उठाने का किया आग्रह

प्रधान ने ओडिशा सरकार से कोटिया सीमा विवाद पर कदम उठाने का किया आग्रह

भुवनेश्वर, 14 फरवरी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को ओडिशा सरकार से राज्य की भौगोलिक सीमा की सुरक्षा के लिए समयबद्ध कदम उठाने की अपील की।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि कोटिया पंचायत के लिए कानूनी कार्रवाई राज्य प्रशासन एक तार्किक निष्कर्ष पर ले जाएगी।

गौरतलब है कि प्रधान का यह बयान आंध्र प्रदेश के कोरापुट जिले के कोटिया के विवादित क्षेत्र और राज्य के अन्य सीमावर्ती गांवों में पंचायत चुनाव के एक दिन बाद आया है।

प्रधान ने ट्वीट किया कि आंध्र प्रदेश द्वारा कोरापुट, गंजम और गजपति की भौगोलिक सीमा में प्रवेश करके ओडिशा के लोगों को अपने पंचायत चुनावों में शामिल करने का प्रयास चिंता का विषय है। आंध्र और अन्य पड़ोसी राज्यों के साथ सीमा विवाद के कारण आपसी रिश्ते तल्ख हुए हैं। अगर मुख्यमंत्री समय रहते कदम नहीं उठाते हैं तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

प्रधान ने ओडिशा के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और कार्यकतार्ओं से सीमा की सुरक्षा के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन को इन क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीमा क्षेत्र में सरकारी कल्याणकारी योजना को लागू करने के लिए काम करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार को ओडिशा द्वारा दायर अवमानना याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करने के लिए एक नोटिस जारी किया था।

ओडिशा ने 1968 और 2006 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन पर पड़ोसी राज्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कोर्ट इस मामले पर 19 फरवरी को सुनवाई करने वाला है।

आंध्र प्रदेश ने पोतांगी ब्लॉक के अंतर्गत कोटिया ग्राम पंचायत के तीन गांवों — तालगंजईपदर, पातुसनेरी और फागुनसनेरी में पंचायत चुनाव कराए। इसने उनके नाम बदलकर गंजीबेदर, पट्टुचेनुरु और पगलुचेनुरु कर दिए हैं।