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72 घंटे बाद बिलासपुर और बांगो की टीम के संयुक्त प्रयास से गौरघाट में डूबे व्यक्ति का शव बाहर निकाला गया

72 घंटे बाद बिलासपुर और बांगो की टीम के संयुक्त प्रयास से गौरघाट में डूबे व्यक्ति का शव बाहर निकाला गया

कोरिया, 5 जनवरी। कोरिया जिले के सोनहत ब्लाक के गौरघाट जल प्रपात में  रविवार को पिकनिक मनाने आये युवक की  डूबने से हुई मौत के बाद शव को  खोजने में रेस्क्यू टीम को  सोमवार शाम तक कामयाबी नहीं मिल पाई थी । शव को ढूढ़ने में देर होने से परिजनों ने प्रशासन से कोरबा के गोताखोरों को बुलाकर शव  को जल्द निकालने प्रशासन से मांग की है।

इधर विधायक गुलाब कमरो ने मामले की कलेकटर से पूरी जानकारी लेकर  कोरबा के गोताखोरों को बुलाकर शव को निकलाने के निर्देश दिए है।  बता दे कि ग्राम पटना के निवासी अभय पाण्डेय अपने साथियो के साथ रविवार को अपने साथियो के साथ गौरघाट जल प्रपात  में पिकनिक मनाने आया था।  इस दौरान  जल प्रपात के समीप ही  अपने साथियों के साथ फुटबॉल खेल रहा था कि फुटबॉल के पानी में चले जाने पर उसे निकालने वह गया और डूब गया। जहाँ पर शव को निकालने  रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। जहाँ रविवार को  शाम तक  शव को निकाल पाने में रेस्क्यू टीम को सफलता नहीं मिली थी । शाम होने की वजह से रेस्क्यू  बन्द कर दिया गया था।जहाँ सोमवार की सुबह से रेस्क्यू टीम शव को निकालने फिर जुट गई। लेकिन उसे शाम तक फिर कामयाबी नहीं मिल पाई।

वहीं दूसरे दिन पूर्व केबिनेट मंत्री भैया लाल राजवाड़े ने घटना स्थल मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली थी । जिसके बाद वे प्रशासन तंत्र के प्रयासों के प्रति नाराजगी जाहिर की  थी पानी में डूबे युवक की खोज के लिए कई तर्क भी दिए थे। 

इधर बैकुंठपुर वर्तमान विधायिका अम्बिका सिंह देव भी लगातार गौर घाट में हुए घटना की जानकारी लेकर शव को जल्द से जल्द रिकवर के लिए प्रशासन को अलर्ट करती रही विधायिका के निर्देश पर  बिलासपुर और बांगो  की टीम बुलाई गई । जिसके बाद घटना के तीसरे दिन बिलासपुर व बांगो की संयुक्त प्रयास से गौरघाट में डूबे व्यक्ति का शव बाहर निकाला गया, वही मौके पर संसदीय सचिव अम्बिका सिंहदेव भी  उपस्थित रही ।


पूरे मामले में कही न कही प्रशासन की लापरवाही मानी जा रही है । नव वर्ष में पिकनिक स्पॉट में कोरिया कलेक्टर ने प्रशासनिक तौर पर आम लोगों के सुरक्षा के लिए कई आला अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी । जिससे लोगों को डेंजर जोन में जाने से रोका जाए । लेकिन गौर घाट की इस घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए है । सूत्रधार बताते है कि इस घटना के दिन जिन  अधिकारियों-कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई थी वे डयूटी में तैनात रहे लेकिन अब बड़ा सवाल है कि   मौके पर अधिकारी मौजूद थे तो फिर इतनी बड़ी घटना हुई कैसे। क्यों ड्यूटी में तैनात अधिकारी व कर्मचारियों ने पिकनिक मनाने आये लोगों को डेंजर जोन में जाने दिया । 

अब देखना होगा इस दुखद घटना के बाद कब तक प्रशासन गौरघाट जल प्रपात में सुरक्षा व्यवस्था के कब तक उपाय कर पायेगा । गौर घाट जल प्रपात पिकनिक स्पॉट अपनी खूबसूरती के कारण लोगो को अपनी ओर लगातर खिंचती है । जिससे लगातर यहाँ दूर दूर से लोग इसकी खूबसूरती व वन भोज्य के लिए पहुंचते है । खास मौकों पर काफी भीड़ भाड़ देखा जा सकता है । पर अफसोस की बात है कि आज तक यहाँ सुरक्षा के पुख्ते इंतेाजामत नहीं हो सका है।