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चोर समेत चोरी का मोबाइल गिरवी रखने वाला सलाखों के पीछे

चोर समेत चोरी का मोबाइल गिरवी रखने वाला सलाखों के पीछे

कोरबा। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा न्यायालय ने मोबाइल व नगदी चोरी करने वाले तथा चोरी के मोबाइल को गिरवी रखने वाले आरोपी को एक-एक वर्ष एवं 6 माह की सजा तथा अर्थदंड से दंडित किया है।

न्यायालयीन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना दिनांक 25 जून 2018 की रात्रि 2 से 3 बजे के मध्य सिटी कोतवाली की मानिकपुर चौकी क्षेत्रांतर्गत रामनगर बस्ती निवासी अनिल नायर के मकान के पीछे के दरवाजे की जाली काटकर अज्ञात चोरों ने ग्लैक्सी सैमसंग कंपनी के एस.8 हजारों रुपए कीमती मोबाइल तथा 3000 रुपए नगद रकम की चोरी कर लिया था।

इस मामले में प्रार्थी अनिल नायर ने मानिकपुर चौकी में अज्ञात चोर के विरूद्ध 457, 380 भादवि के तहत चोरी का जुर्म पंजीबद्ध करवा दिया था।

विवेचना के दौरान तत्कालीन मानिकपुर चौकी प्रभारी ने इस मामले में आरोपी लक्ष्मणबन संजय नगर निवासी अजय साहू उम्र 24 पिता कन्हैया साहू जिसने अपने मोहल्ले के एक अपचारी बालक के साथ चोरी किया था। उसे गिरफ्तार कर लिया। अपचारी बालक का मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है।

जबकि अजय साहू जिसने उक्त मोबाइल को संजय नगर निवासी शेखर आदिले उम्र 19 पिता गेंदराम आदिले को 5000 रुपए में गिरवी रख दिया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मोबाइल व मशरूका बरामद कर लिया था।

वहीं आरोपी शेखर आदिले के विरुद्ध उपरोक्त मामले में सहधारा 411 समायोजित कर उसके विरूद्ध भी प्रकरण न्यायालय में विचारण के लिए पेश किया था।

गौरतलब है कि इस मामले में लगभग 2 वर्ष से ज्यादा चले विचारण कार्यवाही के उपरांत अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा रूप नारायण पठारे ने सजा सुनाते हुए आरोपी अजय साहू को धारा 457 में एक वर्ष सश्रम कारावास तथा 100 रुपए अर्थदंड एवं धारा 380 में एक वर्ष एवं 100 रुपए अर्थदंड, अर्थदंड नहीं पटाने पर एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।

वहीं चोरी का मोबाइल गिरवी रखने वाले शेखर आदिले को धारा 411 में 6 माह का सश्रम कारावास और 100 रुपए का अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड भुगतान नहीं किये जाने पर इस आरोपी को भी एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मामले में अभियोजन की ओर से एडीपीओ यादराम जायसवाल तथा आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने अपने-अपने पक्ष प्रस्तुत किये थे।