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एचआईवी-एड्स पर आयोजित कार्यशाला में युवाओं को बताए खतरे, किया सतर्क

एचआईवी-एड्स पर आयोजित कार्यशाला में युवाओं को बताए खतरे, किया सतर्क

 नेहरू युवा केंद्र की ओर से शाला त्यागी युवाओं के लिए कुंडा में हुआ जागरूकता कार्यक्रम 

कबीरधाम।  शाला त्यागी युवाओं के लिए पंडरिया विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंडा में नेहरू युवा केंद्र की ओर से एचआईवी-एड्स पर जागरूकता और संवेदीकरण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान युवाओं को एचआईवी-एड्स संक्रमण के कारण, लक्षण, खतरे तथा इससे बचाव के उपाय की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को नेशनल हेल्पलाइन नंबर-1097 का भी महत्व बताया गया।

एचआईवी संक्रमण से बचाव पर आधारित यह जागरूकता कार्यक्रम नेहरू युवा केंद्र कबीरधाम छत्तीसगढ़ युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय व छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला युवा अधिकारी नेहरू युवा केंद्र कबीरधाम सौरभ कुमार निषाद ने किया। वहीं डॉ. बीएल राज बीएमओ स्वास्थ्य विभाग पंडरिया, जयप्रकाश चंद्रवंशी आरएमए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंडा व जेम्स जॉन कोविड-19 नोडल ऑफिसर कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। रिसोर्स पर्सन के रूप में तूलिका शर्मा और पुरुषोत्तम निर्मलकर उपस्थित हुए। 

इस अवसर पर रिसोर्स पर्सन तूलिका शर्मा ने युवाओं को यौन जनित संक्रमण के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों के साथ ही एचआईवी-एड्स के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित (बिना कंडोम के) यौन संबंध बनाने, संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित इंजेक्शन लगाने व संक्रमित माता-पिता से होने वाली संतान को एचआईवी व सिफलिश होने का खतरा बढ़ जाता है।

इस समस्या से बचने के लिए सही व संपूर्ण जानकारी जरूरी है। तूलिका शर्मा ने इस समस्या से ग्रसित लोगों के लिए शासन द्वारा प्रदत्त सेवाओं की भी विस्तृत जानकारी युवाओं को दी। उन्होंने बताया, जिला अस्पताल समेत चारो विकासखंड के सीएचसी में आईसीटीसी केंद्र स्थापित हैं, जहां जाकर एचआईवी के सम्बंध में विस्तृत जानकारी ली जा सकती है।

इसके अलावा यौन जनित संक्रमणों व जननांगों की अन्य समस्याओं के निदान व जानकारी के लिए जिला अस्पताल में सुरक्षा क्लिनिक स्थापित हैं। उन्होंने युवाओं को नेशनल हेल्प लाइन नंबर-1097 के सम्बंध में बताया। इस अवसर पर युवाओं को प्रोजेक्टर पर लघु फिल्मों का प्रसारण करके दिखाया गया व पीपीटी के माध्यम से चित्र समेत जानकारियां दी गईं। युवाओं को संबंधित विषय के पांप्लेट भी वितरित किए गए।

यह है एचआईवी-एड्स

ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) एक लेंटिवायरस (रेट्रोवायरस का एक उपसमूह) है, जिससे एचआईवी संक्रमण होता है और समय के साथ-साथ इम्युनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स) बन जाता है।

इस तरह फैल सकता है एचआईवी-एड्स

यौन संबंध द्वारा : किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने पर संक्रमण फैल सकता है। एचआईवी वायरस सेक्स के दौरान मुंह में होने वाले छाले या गुदा या योनि में होने वाले छोटे से चीरे से भी फैल सकता है।  रक्त के संचरण द्वारा : कुछ मामलों में, वायरस रक्त संचरण के माध्यम से भी प्रसारित होता है।  

सुइयों के साझे प्रयोग द्वारा : एचआईवी वायरस तब भी फैल सकता है जब यदि एक सुई जो किसी संक्रमित व्यक्ति पर इस्तेमाल की गई हो और उसे ही किसी असंक्रमित व्यक्ति पर इस्तेमाल कर दी जाए।

गर्भावस्था या प्रसव या स्तनपान द्वारा : अगर एक औरत एचआईवी वायरस से संक्रमित है तो वह गर्भावस्था या प्रसव या स्तनपान द्वारा अपने बच्चे को भी इससे संक्रमित कर सकती है।