breaking news New

सरकार की गलत नीति के कारण न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा - कमल सोनी

सरकार की गलत नीति के कारण न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा - कमल सोनी

  राजनांदगांव । पूरे देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से सभी वर्गों के लोग भयभीत  हैं, क्योंकि कोरोना  इतनी तेजी से छत्तीसगढ़ सहित देश में पैर पसार रहा हैं, जो लोग सोच भी नहीं पा रहे । केंद्र सरकार कोरोना की रोकथाम के लिए कोविड-19 टीकाकरण अभियान चला रही है और इस प्रयास में है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लग जाए और वे सुरक्षित हो जायें ।
  भारतीय जनता पार्टी सोशल मीडिया प्रभारी कमल सोनी ने बताया राजनांदगांव  जिला सहित पूरे छत्तीसगढ़  का कोरोना संक्रमण के मामले में महाराष्ट्र राज्य के बाद दूसरा नंबर आता है। छत्तीसगढ़ राज्य में पॉजिटिव व मृत्यु दर  अधिक होने के बाद भी छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की गलत नीति तथा कथनी और करनी मे अंतर होने के कारण छत्तीसगढ़ राज्य में सभी वर्गों  के लोग संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती या फिर होम आइसोलेशन में है । कई तो जीवन एवं मृत्यु  के बीच संघर्ष कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में स्वास्थ्य सुविधा बेहाल होने के कारण हॉस्पिटलों में ऑक्सीजन की कमी, स्टाफ की कमी है। स्वयं हॉस्पिटल समस्याओं से घिरा है। इसके बाद भी छत्तीसगढ़ राज्य अस्पतालों की समस्याओं को दूर करने के लिए कोई ठोस  पहल नहीं करने के कारण पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ मृत्यु दर भी अधिक होने लगी हैं क्योंकि संक्रमित अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं।
 सोनी ने आगे बताया कि कोविड-19 टीकाकरण  छत्तीसगढ़ राज्य में कोई ठोस निर्णय नहीं लेने के कारण  टीकाकरण में लोग असमंजस की स्थिति में है। 45 वर्ष से अधिक लोगों का टीकाकरण अभियान के तहत किया जा रहा है किंतु  पहला टीकाकरण लगने के बाद दूसरे टीके के लिए लोग दर - दर भटक रहे हैं। इसी तरह 18 प्लस अंत्योदय हितग्राहियों को कोविड-19 टीकाकरण को लेकर जिस तरह राजनीति हो रही थी , मजबूरन हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पडा़।  अंत्योदय राशन कार्ड हितग्राही भी  टीकाकरण में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं, ना ही सरकार इसका सही ढंग से प्रसार प्रचार ही कर पा रही हैं। अब बीपीएल, एपीएल परिवारों के युवाओं को भी टीका लगाने का निर्णय लिया गया है। सरकार को चाहिए कि अब सभी वर्गों को ज्यादा से ज्यादा टीका लगे , इस दिशा में कोई ठोस नीति बनाकर कार्य करे।