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भगवान भरोसे धान की सुरक्षा, समिति द्वारा लाखों के आहरण के बाद भी बारिश में भीग कर सड़ रहे धान, बारदाना में उग आया जरई

भगवान भरोसे धान की सुरक्षा, समिति द्वारा लाखों के आहरण के बाद भी बारिश में भीग कर सड़ रहे धान, बारदाना में उग आया जरई


सुरजपुर। पीला  सोना कहे जाने वाले धान की खरीदी जोर शोर से जारी है। प्रशासन मुस्तेदी से धान खरीदने का दावे करती हुई दिख रही हैं किंतु धरातल में कुछ और ही नजर आ रहा है। धान के सुरक्षा के नाम पर लाखों राशि व्यव होने के बाद भी धान की सुरक्षा भगवान भरोसे  है।

जिले के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति बसदेई  के धान खरीदी केंद्र में व्यवस्था का आलम है। धान का उठाव तेजी से होंने के बाद भी समित्ति में धान बारिश से भीगा नही बल्कि धान की बोरियों में जरी तक आ गये है। बसदेई धान खरीदी केंद्र में लगे धान के चट्टों में धान इस कदर भीगा है कि धान की बोरियों में ऊपर से फिर धान उग आए है। बड़ी मात्रा में धान सड़ा है।


जिसका उठाव राइस मिलरों व संग्रहण केंद्रों में प्रबंधक सेटिंग करके भेज रहे है। इन सड़े हुए धान से निकलने वाले घटियां किश्म के चावलों को किसानों, मजदूरों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तरीके से दिया जाएगा। इस समित्ति मे यहां तक कि किसानों के लिए पर्याप्त बारदाना, टोकन के लिए लाइन लगाना तक किसानों को पड़ रहा हैं।


जबकि समितियों में प्रशासन ने प्रशासनिक अधिकारियों की डिवटी लगाई है ताकि बेहतर तरीके से धान खरीदी हो सके और किसानों को किसी तरह से परेशानी का सामान ना करना पड़े किन्तु कई किसान टोकन के लिए बैरंग ही वापस लौट रहे है। साथ ही किसानों से ही हमाली का कार्य कराया जा रहा है। जबकि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी किसानों ने हमाली का कार्य किया है और उन्हें हमाल तक कि मजदूरी समित्ति प्रबन्धको ने देना उचित नही समझा है।


कई किसानों की माने तो पिछले वर्ष भी बारदाना स्वंय के खर्च से खरीदी कर समित्ति में धान बेचा था उसका राशि भी किसानों को नही मिला है। बरहाल धान सड़ने के कारण सैकड़ो किवंटल धान बर्बाद हो रहे है। इस ओर सुध लेने वाला कोई नही है।