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14 सूत्रीय मांग को लेकर कर्मचारियों ने सौपा ज्ञापन, एक दिवसीय चरणबद्ध आंदोलन

14 सूत्रीय मांग को लेकर कर्मचारियों ने सौपा ज्ञापन, एक दिवसीय चरणबद्ध आंदोलन

भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के द्वारा आज 3 अगस्त को एक दिवसीय सामुहिक धरना प्रदर्शन करते हुए कलम रख मशल उठा चरण बद्ध आंदोलन कर 14 सूत्रीय मांग पत्र के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री के नाम से एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौपे है।

 राज्य शासन को समय - समय पर 14 सूत्रीय मांगपत्र देकर निराकरण हेतु अनुरोध किया जाता रहा है । मांगपत्र में शामिल कुछ मांग जन - घोषणा पत्र में उल्लेखित है । 1 . लेख है कि राज्य शासन द्वारा कर्मचारी हित में समाधन कारक निर्णय नही लेने के कारण कर्मचारी अधिकारी / पेंशनर्स आक्रोशित है । उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा कर्मचारी हित के निर्णय नही लेने के कारण आज उसिंतबर 2021 को कलम बंद - काम बंद हड़ताल अवकाश लेकर किया गया है । साथ ही निराकरण के अनुरोध सहित पुनः स्मरण मांग पत्र पस्तुत है । यदि राज्य शासन द्वारा अधोलिखित 14 बिन्दुओं पर समाधान कारक निर्णय नही लिया तो छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन अनिश्चित हड़ताल करने का निर्णय लेने बाध्य होगा । जिसका संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य शासन की होगी । 

 14 सूत्रीय मांगपत्र : 

 लिपिक संवर्ग के वेतन विसंगति का निराकरण साथ ही शिक्षक एवं स्वास्थ्य संवर्ग सहित अन्य कर्मचारी संवर्ग का वेतन विसंगति निराकृत किया जाये ।

 प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी एवं पेंशनरों को देय तिथि जुलाई 19 से 17 प्रतिशत सहित वर्तमान दर 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृति आदेश जारी किया जाये छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 का बकाया एरियर्स 

3 किश्त के भुगतान हेतु आदेश जारी किया जाये । सभी विभागों में लंबित संवर्गीय पदोन्नति , क्रमोन्नति , समयमान एवं तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ समय सीमा में प्रदान किया जाये, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी एवं सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी किया जाये,

-शासकीय सेवा के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत कर्मचारियों एवं अधिकारियों के परिवार को राजस्थान सरकार के आदेश के तर्ज पर रू . 50 लाख अनुग्रह राशि स्वीकृति आदेश जारी किया जाये । कोरोना ड्यूटी में लगाये गए शासकीय सेवकों को कोरोना भत्ता दिया जाये । अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाये एवं सेवा से पृथक अनियमित कर्मचारियों को बहाल किया जाये । जन घोषणा पत्र में उल्लेखित चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी किया जाये । साथ ही घोषणा पत्र में उल्लेखित अन्य मांगो को पूरा किया जावें । 

 छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के मूलवेतन के आधार पर 10 प्रतिशत गृह भाड़ा भत्ता सहित अन्य समस्त भत्ता स्वीकृति आदेश जारी किया जाये । राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू किया जावें । तृतीय श्रेणी के पदों पर 10 प्रतिशत के बंधन को मुक्त करते हुए समय सीमा के भीतर अनुकंपा नियुक्ति के समस्त लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जावें ( पूर्ण ) । कार्यभारित / आकस्मिक सेवा के कर्मचारियों के समान वेतन के रिक्त पदों पर समायोजित करते हुए नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं पेंशन का लाभ दिया जावें । प्रदेश के पटवारियों को पदोन्नति एवं लैपटाप के साथ उनके कार्यालयों में कम्प्यूटर की समस्त सुविधा दी जावें । पेंशनरों को त्वरित पेंशन भुगतान हेतु 20 वर्षों से लंबित राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 को विलोपित कर पेंशनरी दायित्वों का मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के बीच बंटवारा तत्काल किया जावें । साथ ही सेन्ट्रल पेंशन प्रोसेसिग सेल भारतीय स्टेट बैंक गोविंदपुरा भोपाल से पृथक कर रायपुर छत्तीसगढ़ में स्थापित कर छत्तीसगढ़ के प्रकरणों का निपटारा किया जाये ।