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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण, अधिकांश शिक्षक पाए गए अनुपस्थित

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण, अधिकांश शिक्षक पाए गए अनुपस्थित

बेमेतरा।  जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा  अरविन्द मिश्रा द्वारा आज शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साजा, बीजा, देवरबीजा, हाटरांका, बालक थानखम्हरिया, कन्या थानखम्हरिया एवं खाती का निरीक्षण किया गया शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के समय विद्यालय के अधिकांश शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। 

इनमें से रविन्द्र कुमार बंजारे व्याख्याता जीव विज्ञान, विकास कुमार मिश्रा व्याख्याता अंग्रेजी, अशोक कुमार भारती व्याख्याता गणित,  रमेश कुमार महिलकर व्याख्याता वाणिज्य श्रीमती चुनिता ठाकुर व्याख्याता हिन्दी, प्रियंका वर्मा व्याख्याता इतिहास  गौरव शर्मा व्याख्याता गणित,  संतोष गजपाल व्याख्याता वाणिज्य अनुपस्थिति थे। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राचार्य अजय शर्मा को निर्देशित किया गया कि समस्त शिक्षकों का समय पर विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करावें तथा दिनांक 04.10.2021 को निर्धारित विद्यालयीन समय पर अनुपस्थिति के संबंध में संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्यालय में उपलब्ध करावें। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि विद्यालय की प्रयोगशालाएँ सुव्यवस्थित हो तो नियमित रूप से विषय शिक्षकों के द्वारा प्रायोगिक कार्य कराए जावें प्रायोगिक कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री मिश्रा द्वारा नाराजगी जाहिर की गई तथा संबंधित विषय शिक्षकों इस संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने तथा उनका एक दिन का वेतन रोके जाने के निर्देश प्राचार्य को दिए गए।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीजा में भी किसी भी विषय का प्रायोगिक कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने पर डी.ई.ओ. ने नाराजगी जाहिर की विद्यालय की प्रयोगशाला की सामग्रियों को स्टोर रूम में रखा पाया गया था तथा एक शिक्षिका के द्वारा जानकारी दी गई कि स्टोर रूम में सर्प घुसे होने के कारण प्रायोगिक कार्य नहीं कराए जा सके। विद्यार्थियों से भौतिक, रसायन एवं विज्ञान विषय की पढ़ाई के संबंध में डी.ई.ओ. द्वारा जानकारी लिए जाने पर विद्यार्थियों ने बताया कि अब तक रसायन शास्त्र में केवल एक युनिट, भौतिक शास्त्र में 2 युनिट की पढ़ाई हुई है। जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा बिना सूचना के अनुपस्थिति प्रभारी प्राचार्य को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने हेतु निर्देशित किया गया था प्राचार्य को संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवरबीजा के निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने कक्षा 12वीं के एक छात्रा योगेश्वरी से भौतिक, रसायन एवं विज्ञान विषय की पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली छात्रा ने बताया कि भौतिक शास्त्र के 3 चेप्टर तथा बायो में 5 चेप्टर की पढ़ाई हुई है रसायन शास्त्र की पढ़ाई प्रारंभ नहीं हुई है। विद्यालय में साईंस के 02 शिक्षकों के पदस्थ होते भी रसायन शास्त्र की पढ़ाई प्रारंभ नहीं होने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने खेद व्यक्त किया तथा प्राचार्य को निर्देशित किया कि विज्ञान समूह से स्नातक उत्तीर्ण शिक्षकों से रसायन शास्त्र की पढ़ाई करवाई जावे तथा विद्यालय का टाईम टेबल तैयार कर अवलोकनार्थ कार्यालय में प्रस्तुत करने हेतु प्राचार्य को निर्देशित किया गया। डी.ई. ओ द्वारा विद्यालय के शिक्षकों की बैठक भी ली गई तथा नियमित कक्षाध्यापन तथा नियमित प्रयोगिक कार्य कराए जाने के निर्देश दिए गए। डी.ई.ओ. श्री मिश्रा ने प्राचार्य को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि विद्यालय की व्यवस्था में सुधार नहीं होने की स्थिति में आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटरांका के निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्राचार्य एवं श्रीमती नीति तिवारी व्याख्याता बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए अनुपस्थित शिक्षकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए जाने के निर्देश दिए गए तथा उपस्थित शिक्षकों को नियमित कक्षाध्यापन तथा प्रायोगिक कार्य कराने के निर्देश दिए।

शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय थानखम्हरिया एवं कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय थानखम्हरिया में भी प्रायोगिक कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने की बात सामने आई जिस पर डी.ई.ओ. श्री मिश्रा द्वारा प्राचार्यों को निर्देशित किया गया।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खाती में शिक्षकों से चर्चा करने पर ज्ञात हुआ कि प्राचार्य द्वारा शिक्षकों को प्रायोगिक कार्य कराए जाने के जिला कार्यालय के निर्देश की जानकारी नहीं दी गई है। इस संबंध में प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए गए डी.ई.ने. उपस्थित शिक्षकों का यह भी निर्देशित किया कि तिमाही परीक्षा के बाद बच्चों को छूट्टी न दी जाए अपितु कक्षाएँ लगाई जाए जिससे पाठ्यक्रम समय पर पूरा किया जा सके।


उच्च कार्यालय से निर्देश प्राप्त होने के पश्चात दिनांक 24 सितम्बर से जिले के प्राचार्यों को प्रायोगिक कार्य प्रारंभ कराए जाने के निर्देश के बावजूद या तो प्राचार्यों द्वारा विद्यालय में प्रायोगिक कार्य, प्रारंभ नहीं कराए जाने अथवा संबंधित विषय शिक्षकों को सूचना नहीं देने पर सभी निरीक्षित समस्त, विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने तथा संतोषप्रद स्पष्टीकरण के अभाव में प्राचार्यों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के प्रस्ताव उच्च कार्यालय को प्रेषित किए जाने की जानकारी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा द्वारा दी गई।