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कुम्भ में 50 से अधिक साधु कोरोना की चपेट में, हर रोज 2 लाख मामले आ रहे सामने

कुम्भ में 50 से अधिक साधु कोरोना की चपेट में, हर रोज 2 लाख मामले आ रहे सामने

हरिद्वार। उत्तराखंड में कुंभ के आयोजन के बीच कई संत कोरोना संक्रमित  मिले हैं। अब सवाल उठता है कि  कुंभ में कोरोना किसकी वजह से फैला, इसपर अखाड़े आपस में ही भिड़ गए हैं. बैरागी अखाड़े का आरोप है कि कुंभ में कोरोना संन्यासी अखाड़े के कारण फैला है.  

कोरोना को लेकर एक दूसरे पर आरोप मढ़ रहे है और कोरोना महामारी के नाम पर  अखाड़ों में ये जंग छिड़ गई है. कुछ अखाड़ों ने अपनी ओर से कुंभ समाप्ति की घोषणा कर दी है. लेकिन बैरागी अखाड़े का कहना है कि कोरोना संन्यासी अखाड़ों से फैला है, बैरागी अखाड़े ने इसे नहीं फैलाया है.

बैरागी अखाड़े के अलावा निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास का भी बयान आया है. महंत राजेंद्र दास का कहना है कि कुंभ में बढ़ते संक्रमण के लिए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जिम्मेदार हैं.

आपको बता दें कि कुंभ में 14 अप्रैल को ही शाही स्नान हुआ है. इसी के बाद से जो खबरें आने लगी हैं, वो डराने वाली हैं. कुंभ में अभी तक 50 से अधिक साधु कोरोना की चपेट में आ चुके हैं. बीते 24 घंटे में ही जूना निरंजनी और आह्वान अखाड़े के कई साधु कोरोना की चपेट में आ गए थे.

एक तरफ देश में कोरोना का प्रकोप दिख रहा है और हर रोज दो लाख मामले सामने आ रहे हैं. दूसरी ओर उत्तराखंड में कुंभ का आयोजन हो रहा है, जहां लाखों लोग जुट रहे हैं. कुंभ पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे, इस बीच बीते दिन निरंजनी अखाड़े ने अपनी ओर से कुंभ समाप्ति की घोषणा की थी.

निरंजनी अखाड़े की ओर से बयान दिया गया था कि 14 अप्रैल को हुआ शाही स्नान काफी अहम था, जो पूरा हो गया है.