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Breaking : आदिवासी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत छत्तीसगढ़ की पहचान : मुख्यमंत्री

Breaking : आदिवासी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत छत्तीसगढ़ की पहचान : मुख्यमंत्री

विश्व आदिवासी दिवस के वर्चुअल कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री हुए शामिल

रायगढ़ जिले में 24 हजार 356 हेक्टेयर भूमि के दिए गए वन अधिकार पत्र

रायगढ़।   मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय में विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि आदिवासी समुदायों की समृद्ध सामजिक और सांस्कृतिक विरासत छत्तीसगढ़ की पहचान है। इसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। वन अधिकार कानून को प्रभावी तरीके से लागू कर आदिवासी समुदायों के जल जंगल जमीन पर हक को और मजबूत किया है। ग्राम सभाओं को पहली बार वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किये गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। समर्थन मूल्य में खरीदे जाने वाले वनोपज की संख्या 7 से बढ़ाकर 52 हो चुकी है। शासन द्वारा किये जा रहे कार्यों से आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के कई मौके सृजित हो रहे है। राज्य सरकार आदिवासियों की प्राचीनतम परंपरा, संस्कृति और जीवन मूल्यों को सहेजते हुए उनके विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, अनुसूचित जाति एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, मुख्यमंत्री के सलाहकार  राजेश तिवारी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थिति रहे। रायगढ़ से उच्च शिक्षा मंत्री  उमेश पटेल, विधायक सारंगढ़ मती उत्तरी गनपत जांगड़े, कलेक्टर  भीम सिंह विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री  उमेश पटेल ने सभी को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनायें दी। उन्होंने परम्परागत वन क्षेत्र निवासियों को वन अधिकार पत्र के वितरण किया जा रहा है। इसमें ग्राम सभाओं को भी शामिल करते हुए उन्हें सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र दिया जा रहा है। इससे आदिवासी समुदाय को विकास की एक नयी राह मिली है। इसके साथ ही उन्होंने विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर सम्मानित हो रहे एकलव्य विद्यालय के प्रतिभाशाली छात्रों को शुभकामनायें देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

इस मौके पर कलेक्टर  भीम सिंह ने विश्व आदिवासी दिवस पर जिले में वितरित किये जा रहे वन अधिकार पत्रों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में आज कुल 24 हजार 356 हेक्टेयर भूमि के लिए वन अधिकार पत्र दिए जा रहे हैं। जिसमें से 118  हितग्राहियों को 34.67 हेक्टेयर का व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र तथा  39 ग्राम सभाओं को 24 हजार 321 हेक्टेयर का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किया जा रहा है। इसके साथ ही 1130 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र पुस्तिका का वितरण भी किया जा रहा है। साथ ही जिले में अप्रेल 2020 से अब तक 588 हेक्टेयर भूमि का 1308 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 50 हजार 233 हेक्टेयर भूमि के 3529 सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा 1 लाख 46 हजार 223 हेक्टेयर भूमि के तथा 295 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र बांटे गए हैं।

इस मौके पर अपर कलेक्टर  आर.ए.कुरुवंशी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास  अविनाश वास सहित वन अधिकार पत्र प्राप्त करने वाले हितग्राही व विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

24 हजार 356 हेक्टेयर भूमि के वन अधिकार पत्र वितरित

आज व्यक्तिगत और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र मिलकर कुल 24 हजार 356 हेक्टेयर भूमि के लिए वन अधिकार पत्र दिए गए। जिसमें से 118 हितग्राहियों को 34.67 हेक्टेयर का व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र तथा  39 ग्राम सभाओं को 24 हजार 321 हेक्टेयर का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किये गए। कार्यक्रम के दौरान विकासखंड खरसिया के केवाली के  टीकाराम राठिया,  हीरादास महंत,  चैनदास महंत,  बाबूलाल राठिया,  दिलीप राठिया व  घसियारम राठिया को उनके व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र सौंपे गए। इसी प्रकार विकासखंड लैलूंगा के कुंजारा, बिरसिंघा, ढोर्रोबिजा, धौराडाड़, टुरटुरा, चंवरपुर, जमुना, बैस्कीमुड़ा, नारायणपुर, भुइंयापानी तथा विकासखंड धरमजयगढ़ के संगरा, गणेशपुर, घोंचल, पण्डरीपानी, खम्हार, बंगरसुता, चाल्हा, साजापाली, बताती, सलखेता के ग्राम सभाओं के प्रतिनिधियों को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र दिए गए।

मेधावी छात्र हुए सम्मानित

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड अंतर्गत छोटेमुड़पार में संचालित बालक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिसमें कक्षा बारहवीं के विश्वजीत सिदार, कृष्णा कुमार, तोरन चन्द्रभान सिंह, कक्षा दसवीं के दुर्गेश कुमार राठिया, पुष्पेन्द्र राठिया, अभय कुजूर और भवानी सिंह राठिया शामिल रहे।

पिताजी के समय से काबिज भूमि का अब हक मिलने पर है बेहद खुशी-टीकाराम

कार्यक्रम में जिले के खरसिया विकासखंड के केवाली गाँव के रहने वाले  टीकाराम राठिया को 0.202 हेक्टेयर भूमि का व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र मिला। इस पर उन्होंने कहा कि इस जमीन पर उनके पिताजी के समय से उनका परिवार काबिज हैं और आज मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की पहल से उन्हें जमीन का हक मिला है, जिसकी उन्हें बेहद खुशी है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री  बघेल का आभार जताया।