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विधानसभा ब्रेकिंग : कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सदन में जोरदार बहस, ब्रजमोहन अग्रवाल का आरोप, 'विधायक आवास तक सुरक्षित नही' धर्मजीत सिंह को अरुण वोरा की सलाह, 'अपने दिमाग का चेकअप कराएं'

विधानसभा ब्रेकिंग : कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सदन में जोरदार बहस, ब्रजमोहन अग्रवाल का आरोप, 'विधायक आवास तक सुरक्षित नही' धर्मजीत सिंह को अरुण वोरा की सलाह, 'अपने दिमाग का चेकअप कराएं'

अनिल द्विवेदी

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही के दूसरे दिन आज कानून व्यवस्था का मुद्दा उठा. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत की आसंदी से कार्यवाई शुरू हुई।

विधानसभा में आज राज्य की कानून व्यवस्था का मुद्दा उठा। अध्यक्ष की आसन्दी से महंत ने प्रस्ताव सामने रखते हुए कहा कि कई जिलों में हत्या, आत्महत्या, बलात्कार, डकैती, अपहरण के मामले उठे. लोग डरे हुए हैं। सदन की कार्यवाई रोककर इस पर चर्चा हुई। 

गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने इससे इनकार किया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हैं। उन्होंने पुलिस की तारीफ की और कहा कि  

वह मुस्तैदी से काम कर रही है। उनका साथ मंत्री अमरजीत भगत ने दिया और कहा कि राज्य की पुलिस अपराधियों को पकड़ रही है और परिणाम दे रही है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समक्ष भाजपा विधायक ब्रजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष की ओर से इस पर चर्चा शुरू करते हुए कहा कि गंभीर मसला है। उन्होंने कांग्रेस विधायक शैलेश पांडे के बयान का जिक्र किया कि गृह मंत्री के सामने उनके ही विधायक ने पुलिस की खिंचाई की थी। उन्होंने कहा कि अपराधियों को छुड़ाने के लिए मंत्रियों के फोन आते हैं। गांजे की तस्करी ही रही है। राजधानी में तो दो साल में 75 हतयाएँ 246 बलात्कार हुए हैं। नशे का व्यापार फलफूल रहा है। सीमाओं से गांजे का अवैध परिवहन हो रहा है जिसे रोकने में पुलिस असफल रही है।  

इसी दौरान सत्ता पक्ष ने व्यवधान किया तो नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने आपत्ति जताई इस पर विधानसभा अध्यक्ष महन्त से उनकी नोंकझोंक हुई। श्री अग्रवाल ने पुलिस पर भृष्टाचार का आरोप लागते हुए कहा कि पुलिस सिर्फ वेश्यावृत्ति और जुएं के अड्डे पर छापा मारती है क्योंकि वहां पैसा मिलता है। पुलिस पर भरोसा उठ गया है। हमारे समय तो शराब के कोचिये बंद हो गए थे। मंत्री डहरिया ने टिप्पणी की तो अग्रवाल ने चेताया की आने वाली पीढ़ी आपको माफ नही करेगी। 

इसी बीच कांगेस के विधायकों ने रमन सरकार की बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। श्री अग्रवाल ने कहा कि विधायकों के आवास तक सुरक्षित नही राज्य में। 

इस पर विधायक धर्मजीत सिंह ने भी सरकार को आड़े हाथ लिया। विधायक अरुण वोरा वोरा ने उन्हें मेडिकल चेकअप कराने का सुझाव दिया। इस दौरान कांग्रेस विधायक अरुण वोरा, सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू ने चर्चा में हिस्सा लिया। विधायक देवव्रत सिंह ने सदन की आसन्दी से चर्चा का संचालन किया।