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हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार छेरिंग दोरजे ने हारी कोरोना से जंग

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार छेरिंग दोरजे ने हारी कोरोना से जंग

शिमला। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार छेरिंग दोरजे का कोरोना संक्रमण से आज निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचैक में अंतिम सांस ली। वह 85 वर्ष के थे। उनके निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। नेरचैक मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ जीवानंद चैहान ने इसकी पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि नेरचैक मेडिकल कॉलेज में प्रसिद्ध साहित्यकार छेरिंग दोरजे समेत चार लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है।

ज्ञातव्य है कि छेरिंग दोरजे ने अटल टनल रोहतांग के लिए केंद्र सरकार को अर्जी लिखी थी। छेरिंग दोरजे एनसाइक्लोपीडिया ऑफ हिमालय के नाम से प्रसिद्ध हैं।

छेरिंग दोरजे बौद्ध धर्म के अनुयायी और भोटी भाषा के विद्वान थे डीपीआरओ के पद से सेवानिवृत हुए थे। छरिंग दोरजे अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति के उपाध्यक्ष व मार्गदर्शक रहे। उन्होंने जापान, कोरिया, रूस तकनकीय भोटी भाषा का प्रचार प्रसार किया।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडेय ने छेरिंग दोरजे के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक जताया है। वह तीन दिन पहले कोरोना की चपेट में आए थे।

वीरवार को उनकी तबीयत बिगड़ने पर कुल्लू से नेरचैक मेडिकल कॉलेज को रेफर किया गया था। सांस लेने की दिक्कत होने पर उन्हें वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद भी उनकी जान नहीं बचा सकी।