breaking news New

खरसिया से धरमजयगढ़ रोड अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा

खरसिया से धरमजयगढ़ रोड अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा

खरसिया, 9 जनवरी। धरमजयगढ़ रोड की बद्तर स्थिति को लेकर लगातार प्रकाशित खबरों  के कारण लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अपनी कुम्भकर्णी नींद से जागे तो सही लेकिन रवैया नहीं बदल पाए। खरसिया से धरमजयगढ़ तक जानेवाली मुख्य सड़क हमेशा से शासकीय उपेक्षा का शिकार रही है। नतीजन इस सड़क की हालत खस्ता ही रहती है, और सड़क पर बने गड्ढों और पुल-पुलियों का संकरापन व जीर्णशीर्ण हालत पूरे क्षेत्र में छोटी बड़ी घटनाओं का कारण बनती रहती है। इन घटनाओं में होने वाली आर्थिक हानि तो अलग है ही साथ ही अब तक अनेक लोग अपनी जान से भी हाथ धो बैठे हैं । ऐसा नहीं है कि लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को इस सड़क और इसके कारण जनता को होनेवाली तकलीफों की खबर नहीं है, लेकिन विभाग में कर्तव्य उपेक्षा और भ्रष्टाचार का आलम ये है कि कभी भी इस सड़क को सुधारने की पहल खुद करना तो दूर रहा जनता की अनुनय- विनय और आंदोलन के दबाव से भी कुछ होता हुआ दिखाई नहीं देता है। ऐसे हालात में मीडिया की सकारात्मक और चुस्त भूमिका का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। 

लिहाजा विभिन्न समाचार पत्रों की ओर से सड़क की हालत और जनता की तकलीफ को मुखर रूप से सामने लाते हुए पिछले कुछ समय से लगातार समाचार प्रकाशित किया जाता रहा है। जिसके नतीजे अब जाकर देखने को मिलने लगे हैं और विभाग कामचलाऊ स्तर पर सड़क की मरम्मत करता हुआ दिख रहा है। लेकिन मरम्मत के नाम पर कराया गया काम निहायत ही कमजोर और गुणवत्ताहीन है। असल मे ये काम टाट पर पैबन्द लगाने जैसा लगता है।  

इसका टिकाऊपन इतना कम है कि बहुत ही जल्द ये उखड़ कर सड़क पर से गायब हो जाएगा। वर्तमान में सड़क पर भारी वाहनों का दबाव इतना ज्यादा है कि सामान्य स्तर की मरम्मत से कोई राहत मिलना बहुत मुश्किल है ऊपर से इतने भारी वाहनों की गति पर कोई रोक या सीमा लागू नहीं है जो सड़क के लिए नुकसानदेह तो है ही साथ ही क्षेत्र की जनता के लिए भी बहुत खतरनाक है। वाहनों के चालन से उड़नेवाली धूल के कारण कई तरह की बीमारियों का सामना करना लोगों की मजबूरी बन चुका है। इन बातों को देखते हुए यही कहना लाज़िमी है कि इस सड़क को एक व्यापक मरम्मत की जरूरत है इसके अलावा सड़क का जो हिस्सा पहले की तरह सँकरा है उसका पुनर्निर्माण और सड़क पर मौजूद पुल-पुलियों का जीर्णोद्धार व चौड़ीकरण तत्काल होना जरूरी है। उल्लेखनीय है सालों साल से इस सड़क की हालत खराब है जबकि इस दौरान कई बार सरकारें बदलीं और जनप्रतिनिधि भी लेकिन सड़क की तकदीर नहीं बदली जिसका कारण विभाग द्वारा की गई कर्तव्य की उपेक्षा और भ्रष्टाचार ही रहा है। अब समय आ चुका है कि सड़क को सुधारने के नाम पर औपचारिकता ही पूर्ण न कि जाए बल्कि यथार्थ में कारगर कदम उठाकर सड़क को गुणवत्ता के उस स्तर तक पहुँचाया जाए जहां यह पूरे क्षेत्र के लिए सुविधा और खुशहाली का आधार बन सके।