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श्रीराम मंदिर जमीन विवाद : कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएम हाउस का घेराव किया..पुलिस से झड़प में घायल हुए..सीबीआई जांच की मांग उठी..पूर्व मंत्री ने कहा,'आरटीजीएस की गई 17 करोड़ रुपये धनराशि कहां गई, जांच हो'

श्रीराम मंदिर जमीन विवाद : कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएम हाउस का घेराव किया..पुलिस से झड़प में घायल हुए..सीबीआई जांच की मांग उठी..पूर्व मंत्री ने कहा,'आरटीजीएस की गई 17 करोड़ रुपये धनराशि कहां गई, जांच हो'

रायपुर. आम आदमी पार्टी (आप) से राज्यसभा सदस्य व उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने भी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करा रहे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की है।

संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने संस्था के सदस्य अनिल मिश्रा की मदद से दो करोड़ रुपये कीमत की जमीन 18 करोड़ रुपये में खरीदी। यह सीधे-सीधे धन शोधन का मामला है और सरकार इसकी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराई जाए। संजय सिंह ने कहा कि दो करोड़ की जमीन खरीद व 18 करोड़ के एग्रीमेंट, दोनों में ट्रेस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा गवाह हैं। उन्होंने कहा कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है।

दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट में कराने की मांग की है. राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक वीडियो जारी कर यह मांग उठाई. उधर राजधानी लखनउ मे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएम हाउस के सामने प्रदर्शन किया. इस दोरान पुलिस से झड़प हुई और कुछ कार्यकर्ताओं को चोंटें आई हैं. कांग्रेस ने कहा कि पुलिस के दम पर आवाज़ को दबाया जा रहा है। अंतिम दम तक लड़ाई लड़ी जायेगी। गिरफ्तारी से नहीं डरेंगे।



सुरजेवाला ने कहा कि तथाकथित तौर से यह भी बताया जा रहा है कि रवि मोहन तिवारी, जिन्होंने 2 करोड़ की जमीन 5 मिनट में 18.5 करोड़ में राम मंदिर ट्रस्ट को बेच डाली, वह ऋषिकेश उपाध्याय के रिश्तेदार हैं, जिन्होंने जमीन खरीदी है. यानि कुछ न कुछ घोटाला हुआ है.

दूसरी ओर सपा नेता व पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर जमीन खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दो करोड़ रुपये में बैनामा करा ली गई भूमि का 10 मिनट के अंदर 18.50 करोड़ रुपये में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया गया।

यह भूमि सदर तहसील क्षेत्र के बाग बिजैसी में स्थित है, जिसका क्षेत्रफल 12 हजार 80 वर्ग मीटर है। पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंदिर के नाम पर किए गए भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।

पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन ने कहा कि यह भूमि रवि मोहन तिवारी नाम के एक साधु व सुल्तान अंसारी ने बैनामा ली थी। ठीक 10 मिनट बाद इसी भूमि का ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के नाम 18.50 करोड़ में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया जाता है। बैनामा व रजिस्टर्ड एग्रीमेंट 18 मार्च, 2021 को किया गया। आरोप है कि बैनामा व रजिस्टर्ड एग्रीमेंट में ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्र और नगर निगम के महापौर रिषिकेश उपाध्याय गवाह हैं। उन्होंने आरटीजीएस की गई 17 करोड़ रुपये धनराशि की जांच कराने की मांग की है। कहा, यह धनराशि कहां-कहां गई, इसका पता लगाया जाए और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.