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छिंद के पत्ते से गुलदस्ता बनाकर बन रही महिलाएं आत्मनिर्भर, कमा रही प्रति माह चार से पांच हजार रुपए

 छिंद के पत्ते से गुलदस्ता बनाकर बन रही  महिलाएं आत्मनिर्भर, कमा रही प्रति माह चार से पांच हजार रुपए

दंतेवाड़ा।  जिले में महिलाओं के लिए आजिविका मिशन केन्द्र द्वारा छिंद पत्ते से गुलदस्ता बनाना सिखाया जा रहा है कुछ महिलाएं ट्रेंड होकर अन्य महिलाओं को गुलदस्ता बनाना सिखा रही है जिससे महिला आत्मनिर्भर बन सके

इस कार्य में ज्ञानानंद स्व सहायता समूह द्वारा 22 महिलाएं गुलदस्ता बनाने का काम कर रही हैं  को आजीविका केंद्र मे गुलदस्ता बना रही हैं शासन प्रशासन द्वारा गुलदस्ता का आर्डर दिलाया जाता है जब भी कोई जिले में वीआईपी व बड़े कार्यक्रम होते हैं  छिंद के पत्ते से बनाए गए गुलदस्ते से वी आई पी ओ का स्वागत किया जाता है और शासन प्रशासन द्वारा गुलदस्ते का वाजिब दाम स्व सहायता समूह के खाते में डाल दिया जाता है

स्व सहायता समूह की महिला रामवती ने बताया कि शासन प्रशासन की मदद से यह काम हम तीन महिलाओं ने चालू किया था अब बढ़कर 22 महिलाएं हो गई है और छिंद के पत्ते से गुलदस्ता बनाकर शासन प्रशासन को दे रही है जिससे हम महिलाओं को महीने में चार से पांच हजार रुपए आमदनी हो जा रही है जिससे हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है

वहीं शासन-प्रशासन के अधिकारी NRLM अजय कुमार बताया कि शासन प्रशासन द्वारा आजीविका केंद्र में इन महिलाओं को ट्रेनिंग उपरांत छिंद के पत्ते से गुलदस्ता बनाना सिखाएं गया है जिसे सहायता समूह की महिलाएं पर गुलदस्ता ₹100 से ₹200 तक बेच कर अच्छा मुनाफा कमा रही है गुलदस्ते  को शासन प्रशासन द्वारा जब भी कोई  कार्यक्रम होता है तो मुख्य अतिथि के स्वागत के लिए महिलाओं से खरीदा जाता है और गुलदस्ते की जो भी रकम होती है वह स्व सहायता समूह के खाते में डाल दी जाती है जिससे हर माह महिलाएं 4 से ₹5000 मुनाफा कमा रही है इन्हें बाजार देने के लिए मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में इमो दुकान देने की तैयारी की जा रही है ताकि या ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सके