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लोन मोरेटोरियम मामला: छत्तीसगढ़ के होनहारों ने सुप्रीम कोर्ट में जीती जंग

लोन मोरेटोरियम मामला: छत्तीसगढ़ के होनहारों ने सुप्रीम कोर्ट में जीती जंग

रायपुर, 25 मार्च।  कोरोना महामारी के दौरान जहां देश की अर्थव्यवस्था लड़खड़ाई वही बैंक के कर्जदार भी ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज की मार झेल रहे थे। कोरोना काल के दौरान केंद्र सरकार ने बैंक के कर्जदारों को राहत देते हुए किस्त की अवधि को आगे बढ़ा दिया था। लेकिन रिजर्व बैंक इस मोरटोरियम के दौरान किस्त की राशि पर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज अपने ग्राहकों से वसूल कर रहे थे इसके साथ ही बैंक ने दो करोड़ की राशि के नीचे के कर्जदारों को 8 श्रेणियों में बांटकर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज से छूट देने का फैसला किया था।

बीते मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बैंक के कर्जदारों को बड़ी राहत देते हुए फैसला सुनाया कि बैंक मोरटोरियम के दौरान किस्त की राशि पर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज नहीं ले सकते। इस फैसले के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक का वह निर्णय भी खारिज कर दिया गया जिसमें बैंकों ने दो करोड़ की राशि से नीचे के ऋण पर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज को माफ कर दिया था। 

सुप्रीम कोर्ट में हुई इस बड़ी जीत के पीछे छत्तीसगढ़ के योगदान को भी याद करना जरूरी है आपको बता दें कि इस मामले पर छत्तीसगढ़ के पूर्व एडवोकेट जनरल रविंद्र श्रीवास्तव और उनकी टीम ने अपना पक्ष रखा साथ ही लोगों की परेशानियों को कारगर तरीके से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश किया। छत्तीसगढ़ से 6 व्यावसायिक संगठनों छत्तीसगढ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन, रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन, रायपुर आयरन एंड स्टील ट्रेड एसोसिएशन, सीजी होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन, सीजी उद्योग महासंघ, सीजी स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसका प्रतिनिधित्व रविंद्र श्रीवास्तव की टीम ने किया। जिसमें उनके कुशल सहयोगी रायपुर निवासी एडवोकेट हरनीत कौर खनूजा, एडवोकेट अंशुमान श्रीवास्तव और एडवोकेट अभीजीत श्रीवास्तव ने बड़ी भूमिका निभाई।


आखिर क्या है लोन मोरेटोरियम?

मोरेटोरियम का मतलब होता है आप अगर किसी चीज का भुगतान कर रहे हैं तो उसे एक निश्चित समय के लिए रोक दिया जाएगा. मान लीजिए अगर आपने कोई लोन लिया है तो उसकी ईएमआई को कुछ महीनों के लिए रोक सकते हैं. हां लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आपकी ईएमआई माफ कर दी गयी है.

कैसे काम करता है मोरेटोरियम, इसका फायदा क्या है?

जैसा कि हमने आपको बताया मोरेटोरियम में आपकी ईएमआई कुछ समय के लिए रोकी जा सकती है. लेकिन यहां पर एक बात ध्यान रखने वाली है कि आपकी ईएमआई पर लगने वाले ब्याज में कोई छूट नहीं होगी. मान लीजिए कि आप मोरेटोरियम के तहत तीन महीने बाद ईएमआई देते हैं तब भी आपको पिछले तीन महीने का ब्याज देना होगा.

लोन मोरेटोरियम का सबसे ज्यादा फायदा किसे?

लोन मोरेटोरियम का सबसे ज्यादा फायदा उद्योग धंधों के लिए है. लॉकडाउन के दौरान बिजनेस ना चलने से लोन भरना भी मुश्किल हो गया. इसलिए माना गया कि अगर ईएमआई भरने से राहत मिलेगी और उसके बाद अनलॉक में जैसे जैसे बिजनेस बढ़ेगा, तब कंपनियां अपना लोन चुका सकती हैं.

लोन मोरेटोरियम कौन-कौन अप्लाई कर सकता है?

लोन मोरेटोरियम के लिए कंपनियों के साथ-साथ कोई भी व्यक्ति अपने किसी भी लोन के लिए मोरेटोरियम करवा सकता है. फिर चाहे तो वो होम लोन हो, कार लोन या फिर क्रेडिट कार्ड का बिल हो. बात दें कि मोरेटोरियम के शुरुआती तीन महीनों में कुछ बैंक में 30% लोगों ने इस सुविधा का फायदा उठाया. वहीं कुछ छोटे बैंक में 70% तक लोन मोरेटोरियम में चला गया.