breaking news New

China का बेकाबू Rocket मचा सकता है तबाही, इन देशों पर गिरने का खतरा

China का बेकाबू Rocket मचा सकता है तबाही, इन देशों पर गिरने का खतरा

दुनिया को कोरोना (Coronavirus) महामारी में धकेलने वाले चीन (China) ने अंतरिक्ष का बादशाह बनने की सनक में एक और संकट को जन्म दिया है. चीन द्वारा छोड़ा गया रॉकेट (Rocket) अंतरिक्ष में बेकाबू हो गया है और यह धरती (Earth) की तरफ तेजी से आ रहा है. वैज्ञानिकों इस बात को लेकर आशंकित हैं कि यदि 21 टन वजन वाला यह रॉकेट किसी रिहायशी इलाके में गिरता है तो बड़ी तबाही मच सकती है.

अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि वह चीनी लॉन्ग मार्च 5 बी-रॉकेट पर नज़र रख रहा है जो नियंत्रण से बाहर है और इस सप्ताह के अंत में पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करने के लिए तैयार है।चीनी रॉकेट के 8 मई के आसपास पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने की उम्मीद है और अमेरिकी अंतरिक्ष कमान रॉकेट के प्रक्षेपवक्र की चिंताओं पर ध्यान दे रही है, जहां इसका मलबा प्रभाव डाल सकता है।

"यूएस स्पेस कमांड को स्पेस में चीनी लॉन्ग मार्च 5 बी के स्थान के बारे में पता है और ट्रैक कर रहा है, लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल में इसके सटीक प्रवेश बिंदु को 8 मई के आसपास फिर से प्रवेश करने के कुछ घंटों के बाद तक इंगित नहीं किया जा सकता है," अमेरिकी अंतरिक्ष कमान ने एक बयान में कहा।


इस समय इस रॉकेट का जो मार्ग है उसके मुताबिक यह धरती के उत्तरी गोलार्ध में स्थित न्यूयॉर्क, मैड्रिड और बीजिंग के आसपास गिरेगा. या फिर दक्षिणी गोलार्ध में स्थित दक्षिणी चिली और न्यूजीलैंड की राजधानी वेलिंग्टन के आसपास गिर सकता है. यानी धरती के इन हिस्सों को चीन के के अनियंत्रित रॉकेट से खतरा है.यूरोपियन स्पेस एजेंसी के स्पेस सेफ्टी प्रोग्राम ऑफिस के प्रमुख होल्गर क्राग ने कहा कि इस समय यह बता पाना मुश्किल है कि इस रॉकेट का कितना हिस्सा बचकर धरती पर आएगा. क्योंकि हम इसकी डिजाइन के बारे में नहीं जानते. लेकिन सामान्य तौर पर यह माना जाता है कि 17800 किलोग्राम वजनी कोर का 20 से 40 फीसदी हिस्सा जमीन तक आएगा. या फिर समुद्र में गिरेगा.

चीन ने यह रॉकेट 28 अप्रैल को अपने तियानहे स्पेस स्टेशन (Tianhe Space Station) को बनाने के लिए अपना सबसे बड़ा रॉकेट लॉन्ग मार्च 5बी छोड़ा था. यह एक मॉड्यूल लेकर स्पेस स्टेशन तक गया था. मॉड्यूल को तय कक्षा में छोड़ने के बाद इसे नियंत्रित तरीके से धरती पर लौटना था. लेकिन अब चीन की स्पेस एजेंसी का इस पर से नियंत्रण खत्म हो चुका है