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किसानों के लिए कारगर साबित हो रहा राजीव गांधी न्याय योजना

किसानों के लिए कारगर साबित हो रहा राजीव गांधी न्याय योजना

गरियाबंद । राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजना राजीव गांधी न्याय योजना किसानों के लिए कारगर साबित हो रहा है। खरीफ फसल के दौरान किसानों को दी जाने वाली यह आर्थिक सहायता किसानों को सम्बल प्रदान करता है। जिले में योजना के तहत 21 मई को प्रथम किस्त के रूप में पंजीक ृत 71 हजार 623 किसानों को 52 करोड़ 70 लाख 33 हजार रूपये उनके खाते में सीधे ट्रांसफर किया गया। अब द्वितीय किस्त के रूप में 20 अगस्त को 71 हजार 623 किसान हितग्राहियों को 52 करोड़ 72 लाख 05 हजार रूपये खाते में ट्रांसफर किया जायेगा। कृषि उप संचालक एफ.आर. कश्यप ने बताया कि कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एंव नवीन कृषि तकनीकी में पर्याप्त निवेश नही कर पातें है। कृषि में पर्याप्त निवेश एवं कास्त लागत में राहत देने कृषि आदान सहायता हेतु राज्य शासन द्वारा राजीव गाँधी किसान न्याय योजना लागू की गई है। राजीव गाँधी किसान न्याय योजना अन्तर्गत जिले में वर्ष 2021-22 में पंजीकृत कुल 71623 किसानों को (किसान न्याय योजना की कुल राशि 9000 रूपये प्रति एकड़ के मान से) प्रथम किस्त में राशि 52 करोड़ 70 लाख 33 हजार रूपयें का भुगतान किया जा चुका है।

योजना का मुख्य उद्धेश्य:- फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना। फसल क्षेत्राच्छादन,उत्पादन एंव उत्पादकता में वृद्धि, फसल के कास्त लागत की प्रतिपुर्ति कर कृषकों के शुद्ध आय में वृद्धि करना, कृषकों को कृषि में अधिक निवेश हेतु प्रोत्साहन, कृषि को लाभ के व्यवसाय के रूप में पुर्नस्थापित करते हुए जी.डी.पी. में कृषि क्षेत्र की सहभागिता मे वृद्धि।

हितग्राही की पात्रता - समस्त श्रेणी के भू-स्वामी एवं वन पट्टाधारी कृृषक योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे। संस्थागत भू-धारक कृषक इस योजना अंतर्गत पात्र नही होंगे। रेगहा/बटाईदार/लीज कृषक योजना अंतर्गत पात्र नही होंगे। कृृषकों को आदान सहायता राशि प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र के साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना पोर्टल पर पंजीयन  कराना अनिवार्य होगा। अपंजीकृत कृषकों को योजनांतर्गत अनुदान की पात्रता नही होगी। योगनांतर्गत सम्मिलित फसलों पर ही आदान सहायता देय होगा।

आदान सहायता राशि - योजनांतर्गत खरीफ 2021 से धान के साथ खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो-कुटकी, सोयाबीन, अरहर, तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को प्रति वर्ष राशि रू. 9,000 प्रति एकड़ अदान सहायता राषि दी जायेगी। वर्ष 2020-21 में जिस रकबे से किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया था, यदि वह धान के बदले कोदो-कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, अन्य फोर्टिफाइड धान, केला, पपीता लगाता है अथवा वृक्षारोपण करता है, तो उसे प्रति एकड़ रू. 10,000/- आदान सहायता राशि दी जायेगी। वृक्षारोपण करने वाले कृषकों को तीन वर्षो तक आदान सहायता राशि दी जायेगी।

कृषक का पंजीयन - योजनांतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु इच्छुक कृषकों को निर्धारित समयावधि में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के पोर्टल डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट आरजीकेएनवाय डॉट एनआईसी डॉट इन पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। योजनांतर्गत कृषक पंजीयन का कार्य दिनांक 01 जून से 30 सितम्बर तक किया जायेगा। कृषक को आवश्यक दस्तावेज जैसे ऋण पुस्तिका, बी-1, आधार नंबर, बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ भरे हुए आवेदन (संलग्न प्रपत्र-1 अनुसार) का सत्यापन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से कराना होगा। कृषकों के बैंक विवरण में त्रुटि होने पर विभाग के मैदानी अमले द्वारा संबंधित कृषक से 15 दिवस के भीतर सही बैंक विवरण प्राप्त करते हुए अनुदान राशि अंतरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।