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10 रुपए की RTI से ढूंढ निकाली 50 करोड़ से अधिक की पुश्तैनी संपत्ति

10 रुपए की RTI से ढूंढ निकाली 50 करोड़ से अधिक की पुश्तैनी संपत्ति

लखनऊ, 22 फरवरी। सूचना का अधिकार कानून कितना कारगार है. इसका अंदाजा खीरी जिले के इस ताजा मामले से लगाया जा सकता है. जिन दस्तावेजों को ढूंढ़ने के लिए खीरी जिले की ओयल रियासत के वंशज पीढ़ियों तक भटकते रहे वह मात्र 10 रुपए की RTI के जरिए आसानी से मिल गए. RTI के जरिए मिले दस्तावेजों के अनुसार 93 साल पुरानी संपत्ति की कीमत करीब 50 से 60 करोड़ रुपए बताई जा रही है.

 साल 1928 में ओयल रियासत जनपद खीरी के तत्कालीन राजा ने अपने महल को किराए पर दिया था. उस समय महल को 30 वर्षों के लिए डिप्टी कलेक्टर को किराए पर दिया गया था. बताया जाता है कि जब देश आजाद हुआ तो महल की किराएदारी 30 सालों के लिए और बढ़ा दी गई. 

जानकारी के मुताबिक जब राजा युवराज की 1984 में मृत्यु हुई तो ओयल परिवार ने अपने पुश्तैनी महल के अभिलेखों की खोज शुरू की. लेकिन महल से संबंधित अभिलेख नहीं मिले. जिसके बाद राजा युवराज दत्त के पोते कुंवर प्रद्युम्न नारायण दत्त सिंह ने RTI एक्टिविस्ट सिद्धार्थ नारायण को पुश्तैनी संपत्ति से जुड़ी समस्या बताई.

जिसके बाद RTI एक्टिविस्ट सिद्धार्थ ने 28 अगस्त 2019 को चार अलग-अलग RTI डीएम, कमिश्नर, वित्त विभाग और राजस्व परिषद को पार्टी बनाकर दर्ज कीं. जिसके बाद यह सभी आईटीआई लखीमपुर को स्थानांतरित हो गईं. 27 मार्च 2020 को इन RTI पर जवाब आया. जिसमे बताया कि कि उनकी संपत्ति का खाता संख्या पांच और खसरा 359 हैं. पुश्तैनी संपत्ति की जानकारी मिलने पर ओयल रियासत के राजा विष्णु नारायण दत्त सिंह ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए डीएम खीरी, और एसआरओ कैप्टन एसपी दुबे का आभार व्यक्त किया.