breaking news New

ग्राम पंचायत आमनदुला के मंडी परिसर पर रखे मवेशियों की भूख प्यास के कारण हो रही लगातार मृत्यु

ग्राम पंचायत आमनदुला के मंडी परिसर पर रखे मवेशियों की भूख प्यास के कारण हो रही लगातार मृत्यु


आखिर मवेशियों के मृत्यु का कौन है  जिम्मेदार और क्या कार्यवाही होगा जिम्मेदार लोगों पर 

मालखरौदा, 20 अक्टूबर। मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के चार  महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक गौठान निर्माण के लिए सरकार इन दिनों पंचायतों को लाखों रुपये दे रही हैं ताकी गौ माताओं और मवेशियों की सही तरीके से देख रेख हो सके मगर कुछ ऐसे पंचायत इन दिनो देखने को मिल रहा है कि जहा पर मवेशियों की सही तरीके से देख रेख नहीं किया जा रहा है और न ही खाने के लिए किसी भी प्रकार के चारा की वेवस्था किया जा रहा है, जिससे लगातार मवेशियों की मृत्यु हो रही है। 

दरअसल पूरा मामला जाँजगीर चापा जिला के मालखरौदा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत आमनदुला का है, जहां 8 लाख रुपये के स्वीकृति से गौठान का निर्माण किया जा रहा है जिसके बावजूद आमनदुला के मंडी परिसर में रखे मवेशियों की मृत्यु भूख प्यास के कारण हो रही है। यहां पर सोचने वाली बात यह की यदि सरकार इतने खर्चे से गौठान निर्माण करवा रहा है तो फिर भी मंडी परिसर में कैद की तरह से कौन रखा है और उसके खाने पीने की व्यवस्था कौन कर रहा है यदि पंचायत वहा पर मवेशियों को रख रहा है तो उनके द्वारा मवेशियों के लिए खाने- पीने की व्यवस्था क्यूं नहीं किया जा रहा है। हम आपको बता दें कि मंडी परिसर आमनदुला में रखे मवेशियों की भूख प्यास के कारण लगातार मृत्यु हो रही है। अभी तक लगभग 4 से 5 मवेशियों की मृत्यु भूख प्यास के कारण हो चुका है अब यहा पर सवाल खड़ा होता है कि आखिर इन मवेशियों के मौत का जिम्मेदार कौन है और जिम्मेदार लोगों पर अधिकारीगण क्या कार्यवाही करते है।

ग्राम पंचायत आमनदुला ग्राम पटेल कवी वर्मा ने कहा कि मंडी परिसर में मवेशियों को कैद करके रखा गया रोजाना भूख प्यास के कारण मवेशियों की मृत्यु हो जल्द से जल्द जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही किया जाना चाहिए। 

ग्राम पंचायत आमनदुला समिति अध्यक्ष सनत कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि मवेशियों को किसानों ने मंडी परिसर में रखे है और मेरे जानकारी के अनुसार तो अभी तक मृत्यू नहीं हुआ है।

ग्राम आमनदुला मंडी सचिव सी के जायसवाल ने कहा कि इस विषय में मैं कुछ नहीं जानता पंचायत वाले जानेंगे ये मेरा काम नहीं है।