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अंधे कत्ल का मामले से पुलिस ने उठाया पर्दा ,5 दोस्त हुए गिरफ्तार, जानिए क्यों की हत्या साजिश

अंधे कत्ल का मामले से पुलिस ने उठाया पर्दा ,5 दोस्त हुए गिरफ्तार, जानिए क्यों की हत्या साजिश

रमेश गुप्ता

 पुलिस कर्मियों को एसपी ने पुरस्कृत करने की घोषणा की

 भिलाई।  तीन सप्ताह पूर्व हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को  पुलिस ने सुलझा दिया है वही इस हत्या के मामले में  पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।  बहरहाल मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिस कर्मियों को एसपी  ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है। 

 मामले का खुलासा

इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए एसपी बद्रीनारायण मीणा ने बताया कि इस मामले का खुलासा इसलिए भी अहम है क्योंकि घटना स्थल के आसपास किसी प्रकार का सीसीटीवी फुटेज पुलिस को नहीं मिला। 8 नवंबर को देशी शराब दुकान के पास जब शव को बरामद किया गया था तब उसकी हालत बहुत खराब थी। पीएम कराने के बाद मृतक के कपड़ों पर उसके शरीर पर बने टैटू से मृतक की पहचान आकाश साहू निवासी बांबे आवास उरला के रूप में हुई। 

दोस्तों की जुटाई गई जानकारी 

इसी कड़ी को पकड़कर पहले उसके दोस्तों की जानकारी जुटाई गई। इस दौरान पुलिस ने उरला निवासी सुजीत मौर्य, सुधीर मौर्य, दीपक विश्वकर्मा, शुभम उर्फ मोनू, व राजकुमार शाह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।पहले तो सभी टालमटोल करते रहे लेकिन बाद में हत्या की बात कबूल कर ली।

ट्रोल छिड़ककर आग लगा देने की दी थी धमकी 

आरोपियों ने बताया कि मृतक आकाश साहू द्वारा पेट्रोल छिड़ककर आग लगा देने की धमकी दी थी जिसकी वजह से विवाद शुरू हुआ। इस विवाद के कारण सभी आरोपी आकाश साहू को शराब पिलाने के बहाने ट्रांसपोर्ट नगर दुर्ग के देसी शराब दुकान के पास ले गए वहां मौका पाकर उसके गले में चाकू से वार कर बुरी तरह मारपीट की जिससे उसकी मौत हो गई।

मोटरसाइकिल जब्त

पुलिस ने आरोपियों द्वारा घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का धारदार चाकू व घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल जब्त कर लिया गया है।

टीम ने महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई

आरोपियों की पतासाजी के लिए पुलिस ने अलग-अलग 6 टीमें गठित की थी जिसमें 30 लोग शामिल थे। आसपास घटनास्थल का मौका मुआयना कर विस्तृत जांच के बाद टीम ने महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। विवेचना के दौरान मृतक के शरीर पर बने टैटू व कपड़ों से उसकी पहचान आकाश साहू के रूप में हुई। मृतक की पहचान के बाद ही पुलिस को मामला सुलझाने में मदद मिली।

पूरी कार्यवाही में मोहन नगर थाने के सहायक उप निरीक्षक किरेन्द्र सिंह, आरक्षक मनीष अग्निहोत्री, क्रांति शर्मा, सनत भारती, अमर सिंह, सिविल टीम के प्रधान आरक्षक राजेंद्र वानखेड़े, आरक्षक जावेद खान, प्रदीप ठाकुर, तिलेश्वर राठौर, मोहम्मद फारुख, चित्रसेन, धीरेंद्र यादव आदि की विशेष भूमिका रही। आयोजित इस पत्रकार वार्ता के दौरान एएसपी संजय ध्रुव, सीएसपी जितेन्द्र यादव व मोहन नगर थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा साइबर टीआई गौरव तिवारी सहित अन्य अधिकारी  कर्मचारी मौजूद थे l