breaking news New

'केन्द्र ने 230 वेन्टीलेटर राज्य सरकार को दिए..10 महीने से बेकार पड़े..आयुष्मान कार्ड से हो रहा 50 हजार का इलाज जबकि केन्द्र ने पांच लाख तय किए..स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दे दें : सांसद सुनील सोनी

'केन्द्र ने 230 वेन्टीलेटर राज्य सरकार को दिए..10 महीने से बेकार पड़े..आयुष्मान कार्ड से हो रहा 50 हजार का इलाज जबकि केन्द्र ने पांच लाख तय किए..स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दे दें : सांसद सुनील सोनी

जनधारा समाचार
रायपुर. लोकसभा सांसद सुनील कुमार सोनी ने आज अपने संसदीय कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए खुलासा किया कि केन्द्र सरकार ने राज्य को 230 वेन्टीलेटर दिए हैं तथा वे 10 महीने से बेकार पड़े हैं लेकिन सरकार उनका उपयोग नही कर सकी है। यह सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नमूना है. वेन्टीलेटर के अभाव में लोगों की मृत्यु हो रही है और सरकार निर्लज्ज, मूकदर्षक बन कर बैठी है।


लोकसभा सांसद सुनील कुमार सोनी ने आगे कहा कि दुख इस बात का है कि पिछले 10 महीनों से 2-5 वेन्टीलेटर में कोई टेक्निकल प्राब्लम हो सकती है, लेकिन पूरे 230 वेन्टीलेटर खराब हैं क्या ? यदि रिप्लेस करने की आवश्यकता हो तो सरकार रिपलेस करे लेकिन आज 10 महीनों के बाद वेन्टीलेटर पर प्रश्नचिहन लगाकर सरकार अपनी लापरवाही को ढंकना चाहती है।

जनधारा24' के सवाल के जवाब में लोकसभा सांसद सुनील कुमार सोनी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग को निष्क्रिय और मूकदर्शक बना हुआ है. अगर मंत्री से स्थिति नही संभल रही है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया है कि वे टीवी के सामने आकर बताएं कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए, संक्रमितों का ईलाज कराने के लिए सरकार ने क्या-क्या व्यवस्था की है ? सार्वजनिक करें। श्री सोनी ने कहा कि एक साल का समय था, स्वास्थ्य विभाग चाहता तो लैब, वेटीलेंटर और अन्य सुविधाएं जुटा सकता था, लेकिन सरकार ने समय गंवा दिया।

श्री सोनी ने आगे कहा कि राज्य में टेस्टिंग लैब बढ़ाने की जरूरत है, टेस्ट की रिपोर्ट अधिकतम 9 घंटों में होनी चाहिए। लेट होने के कारण मरीजों की हालत बिगड़ रही है, आक्सीजन लेवल कम होता है और अंततः वेन्टीलेटर में जाना पड़ता है। सरकार जल्दी से जल्दी टेस्टिंग और रिपोर्ट की व्यवस्था करे।

पूर्व आरडीए अध्यक्ष सुनील सोनी ने कहा कि हम कोरोना महामारी पर राजनीति नही कर रहे लेकिन रायपुर क्षेत्र का सांसद होने के नाते जिस तरह के हालात बिगड़े हैं, मेरी चिंता स्वाभाविक और न्यायपरक है। राज्य की कांग्रेस सरकार जनता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें, राजनीति न करे। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि आयुष्मान कार्ड में कोरोना का इलाज होगा, इस बात को प्रचारित करें। लोगों को अधिकार दें, गरीब व्यक्ति भी अपना कोरोना सहित अन्य बीमारियों का इलाज करवा सके, इन सब बातों की व्यवस्था राज्य सरकार करे। कई अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड में सिर्फ 50 हजार का ईलाज हो रहा, जबकि केन्द्र ने 5 लाख की सुविधा दी है.

सांसद श्री सोनी ने आगे कहा कि मेरा सरकार से आग्रह है कि जहॉ अस्पताल के केन्द्र हैं, जहां वेन्टीलेटर के केन्द्र हैं, वहॉ के नोडल अधिकारी है, उनके नंबर सार्वजनिक करें, ताकि मरीजों को उसकी जानकारी ऑनलाईन मिल सके। कोरोना महामारी के नाम पर जो पैसा केन्द्र से आया है, उसका सदुपयोग होना चाहिए ना कि दुरूपयोग। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को विपक्ष के विधायकों और सांसदों से बातचीत करना चाहिए तथा सुझाव लेना चाहिए और हम भी आश्वस्त करते हैं कि राज्य की जनता के हित में हम राज्य सरकार की हरसंभव मदद केन्द्र सरकार की तरफ से करवाएंगे। श्री सोनी ने राज्य की जनता से अधिक से अधिक संख्या में टेस्ट करवाने और दिषा अनुरूप वैक्सीन लगवाने का आग्रह किया है।