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जान जोखिम में डालकर दिन-रात काम कर रहे कर्मचारियों में कोरोना योद्धा घोषित न किए जाने से बढ़ती जा रही नाराजगी

जान जोखिम में डालकर दिन-रात काम कर रहे कर्मचारियों में कोरोना योद्धा घोषित न किए जाने से बढ़ती जा रही नाराजगी

भोपाल। कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में जान जोखिम में डालकर दिन-रात काम कर रहे कर्मचारियों में उन्हें कोरोना योद्धा घोषित न किए जाने से नाराजगी बढ़ती जा रही है। पंचायत सचिव, रोजगार सहाकय आंदोलन पर अड़ गए हैं तो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। वहीं, संविदा कर्मचारी भी खफा हैं कि अब तक उन्हें कोरोना योद्धा घोषित नहीं किया गया है। सहकारी समितियों के कर्मचारी भी नाराज थे और अनाज खरीद व नि:शुल्क राशन वितरण का काम बंद करने वाले थे लेकिन सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने उन्हें मना लिया है। उधर, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लगे कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित करने की मांग उठाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में फैले कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ संविदा और कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी काम कर रहे हैं। सहकारी समितियों के 103 कोरोना संक्रमित कर्मचारियों का निधन हो चुका है।

28 पंचायत सचिव, सात रोजगार सहायक और कृषि विभाग के 65 से ज्याद कर्मचारियों का भी निधन हुआ है। अभी तक न तो पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सचिव और रोजगार सहायकों को कोरोना योद्धा घोषित किया है और न ही ग्रामीण कृषि विसतार अधिकारियों को योजना में शामिल किया है। संविदा कर्मचारियों को लेकर भी यही स्थिति है। जबकि, पिछले साल राजस्व सहित अन्य विभागों ने अलग-अलग आदेश जारी करके अपने-अपने कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित किया था। पंचायत सचिव संगठन के अध्यक्ष दिनेश शर्मा का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सचिव और रोजगार सहायक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। घर-घर सर्वे से लेकर दवा वितरण सहित अन्य कार्य को भी अंजाम दे रहे हैं व अब तक हमें कोरोना योद्धा घोषित नहीं किया है।

इसके बिना शासन की योजना का लाभ दिवंगत सचिव या रोजगार सहायक के स्वजन को  नहीं मिलेगा। अब कोरोना योद्धा घोषित करने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इस संबंध में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया, प्रमुखसचिव उमाकांत उमराव सहित अन्य अधिकारियों से चर्चा हुई है। ये सचिवों से चर्चा करके निर्णय लेंगे। तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उधर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष मनोहर गिरी ने कहा कि कृषि मंत्री कमल पटेल विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित करने के लिए लिख चुके हैं पर अभी तक ओदश जारी नहीं हुए हैं। उन्होंने तीन दिन में मृतक कर्मचारियों की कोरोना योद्धा प्रमाण पत्र देने की मांग की है। वहीं, कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कोरोना से जुड़े कामों में लगे सभी कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित करने की मांग की है।